सीपीईसी परियोजना को लेकर पाकिस्तान-चीन को अब अब सऊदी अरब का भी साथ मिल गया है। सऊदी अरब इस परियोजना में निवेश करने जा रहा है।
इस्लामाबादः चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा( सीपीईसी) परियोजना में अब सऊदी अरब भी निवेश करेगा। यह जानकारी पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि सीपीईसी में सऊदी अरब पैसा लगाने को तैयार हो गया है। फवाद चौधरी ने बताया कि अभी हाल में हुई इमरान खान की यात्रा के दौरान सऊदी अरब ने इस मामले में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत सऊदी अरब रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रॉजेक्ट्स में निवेश करेगा। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अगले सप्ताह पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच इस मामले में उच्चस्तरीय वार्ता होगी। बता दें कि सऊदी अरब प्रतिनिधिमंडल रविवार को इस्लामाबाद पहुंच रहा है।
पाकिस्तान ने की सऊदी अरब की तारीफ
पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस परियोजना में सहयोग के लिए सऊदी अरब की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में काफी ज्यादा समय लगता है लेकिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने महज से इसे दो दिन में ही मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में सहयोग से पाकिस्तान, चीन और सऊदी अरब के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे।
क्या है सीपीईसी परियोजना?
दरअसल सीपीईसी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वपूर्ण परियोजना है। अगर ये परियोजना पूरी हो जाती है तो इसके जरिए तीन हजार किलोमीटर के सड़क नेटवर्क तैयार के साथ-साथ रेलवे और गैस पाइपलाइन लिंक भी पश्चिमी चीन से दक्षिणी पाकिस्तान को जोड़ेगा। इस परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए 46 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है। बता दें कि इस परियोजना की शुरूआत 2015 में हुई थी। चीन की तरफ से बनाया जा रहा ये कॉरिडोर गिलगिट-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भी होकर गुजरेगा। इसलिए भारत इसका शुरू से ही विरोध कर रहा है।