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सुषमा ने संयुक्त राष्ट्र में की पाकिस्तान पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, पड़ोसी मुल्क को याद आए पुराने जख्म

सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया है कि इससे निश्चित ही उसे भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की याद आ गई होगी।
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नई दिल्ली

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Siddharth Priyadarshi

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Updated: 28 Sep 2018, 1:13 PM IST

sushma swaraj

सुषमा ने संयुक्त राष्ट्र में की पाकिस्तान पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', पड़ोसी मुल्क को याद आए पुराने जख्म

न्यूयार्क। अमरीका के न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली से इतर सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के ऊपर एक बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' कर दी। सुषमा स्वराज ने सार्क मंत्रियों की इस मीटिंग में पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाया है कि इससे निश्चित ही उसे भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की याद आ गई होगी। बता दें कि आज ही के दिन एक साल पहले भारत ने पाकिस्तान में चल रहे आतंकी कैंपों पर हमला बोलते हुए उन्हें नष्ट कर दिया था।

सुषमा की सर्जिकल स्ट्राइक

सार्क मंत्रियों की मीटिंग में भारत द्वारा नजरअंदाज किये जाने से पकिस्तान भड़क उठा है। विदेश मंत्री स्तर की इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंची भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपना भाषण देने के बाद मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गईं जिससे पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी नाराज हो गए और बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी भड़ास निकाली। भारतीय विदेश मंत्री द्वारा अपना भाषण देकर मीटिंग से निकल जाने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री खासे नाराज दिखे। मीटिंग के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने कहा, "अगर हम इस फोरम से कुछ हासिल करना चाहते हैं तो हमें पुरानी बातें छोड़कर आगे बढ़ना होगा लेकिन यह क्या तरीका है? ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय सहयोग कैसे संभव है, जब हर कोई बैठकर एक-दूसरे की बात सुन रहा है और आप उसे ब्लॉक करने की कोशिश कर रहे हों।"

सुषमा स्वराज ने मीटिंग क्यों छोड़ी

आधिकारिक रूप से सुषमा स्वराज के मीटिंग से निकलने की वजह यह बताई गई है कि उन्हें किसी और भी कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। लेकिन राजनयिक मामलों के जानकारों का कहना है कि इसके पीछे की वजह कुछ और थी। इसका मतलब यह हुआ कि हो सकता है कि यह सीधे-सीधे पाकिस्तान को उसकी भूल के लिए एक बड़ा सबक सिखाने की कोशिश है। दरअसल सुषमा स्वराज ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के भाषण का बहिष्कार कर पाकिस्तान को एक कड़ा सन्देश देने की कोशिश की है कि भारत किसी भी स्तर पर उसका दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके चलते वह पाकिस्तान से कोई भी संवाद करने के मूड में नहीं है। भले ही भारत और पाकिस्तान के मंत्रियों की बैठक निरस्त हो गई थी लेकिन ऐसा माना जा रहा था कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री भारतीय विदेश मंत्री से एक या दो मिनट की शिष्टाचार मुलाकात के दौरान अपने सरकार की तरफ से कोई अहम् संदेश देने की कोशिश जरूर करेंगे। ऐसी अनौपचारिक बातों का राजनयिक रूप से काफी महत्व होता है। पाकिस्तान भी ऐसा ही मंसूबा पाले बैठा था लेकिन सुषमा स्वराज के इस कदम से उसकी रणनीति फुस्स हो गई।

दुनिया के सामने झुका पाकिस्तान का सिर

सुषमा स्वराज के जाने से पाकिस्तान के तिलमिलाने की एक वजह और भी थी। सार्क में भारत सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण देश है। उसके बाद पाकिस्तान का नंबर आता है। सुषमा स्वराज के इस मीटिंग छोड़ने से सार्क के अन्य देशों के सामने पाकिस्तान को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। मीटिंग में भारतीय मंत्री के रहने से पाकिस्तान की बातों को वजन मिलता और अन्य देश भी उसको गंभीरता से लेते। भारत के मीटिंग से उठने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरेशी के भाषण का कोई बहुत मतलब नहीं रह गया था।