
रियाद। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल-अल-जुबेर ने इस बात को स्वीकार किया है कि सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या बड़ी गलती है। मीडिया से बातचीत करते हुए अल-जुबेर ने कहा कि जिन लोगों ने भी ऐसा किया है। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया है। यह एक भारी भूल है। इस पर पर्दा डालते हुए और भी बड़ी गलती की गई है। किसी भी सरकार में यह स्वीकार्य नहीं है।विशेषज्ञों की माने तो इस कबूलनामे के बाद सऊदी अरब अमरीका के नजर में पाकसाफ बनने की कोशिश में लगा है। उसे डर है कि कहीं अमरीका उस पर कई प्रतिबंध न दे। हाल ही में अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब को चेतावनी दी थी कि सच्चाई सामने आने के बाद वह इस पर कार्रवाई करेगा।
हर एक पहलू सामने लाएंगे
अल-जुबेर ने कहा कि सऊदी अरब पत्रकार की हत्या के मामले की जांच और असल वजह जानने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर एक पहलू को सामने लाएंगे। सभी तथ्यों को सामने रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही जिन्होंने यह हत्या की है उन्हें दंडित भी कराने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
सलमान इस पूरे मामले से अंजान हैं
मंत्री ने इस बात को दोहराया कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस ऑपरेशन से पूरी तरह से अंजान हैं। यही नहीं,उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हत्या में शामिल हैं उनका किसी भी तरह से बिन सलमान के साथ कोई लेनादेना नहीं है। अल-जुबेर ने कहा कि यहां तक कि वरिष्ठ नेतृत्व भी इस बात को लेकर अनभिज्ञ है।
दो अक्टूबर के बाद से नहीं देखे गए थे खशोगी
गौरतलब है कि खशोगी दो अक्टूबर को वाणिज्य दूतावास में घुसने के बाद से नहीं देखे गए थे। तुर्की के अधिकारियों ने दावा किया था कि 15 सऊदी एजेंटों ने खशोगी की वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी और उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर डाले। जमाल खशोगी सऊदी अरब के रहने वाले थे और वाशिंगटन पोस्ट में लेख लिखते थे। खशोगी को आखिरी बार सऊदी अरब के इस्तांबुल के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करते हुए दो अक्टूबर को देखा गया था। शुरुआत से ही तुर्की के अधिकारी दावा करते रहे हैं कि खशोगी की हत्या कर दी गई। इस मामले में अमरीका ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकार जमाल खशोगी के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने के संबंध में पूरी रिपोर्ट मांगी थी।