प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। वार्ता के बाद कई समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। दोनों नेता सीईओ के गोलमेज को भी संबोधित करेंगे।
नई दिल्ली।दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन का नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गॉड ऑफ ऑनर भी दिया गया। मंगलवार सुबह दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन और उनकी पत्नी किम जंग-सुक औपचारिक स्वागत के लिए राष्ट्रपति भवन में पहुंचे। भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उनकी पत्नी सविता कोविंद और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मून का स्वागत किया।
पीएम मोदी से आज होगी मुलाकात
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। वार्ता के बाद कई समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। दोनों नेता सीईओ के गोलमेज को भी संबोधित करेंगे। हैदरबाद हाउस में होने वाली इस बातचीत को लेकर दोनों देशों ने रणनीतिक तैयारियां की हैं। कल सोमवार प्रधान मंत्री मोदी और कोरियाई राष्ट्रपति मून ने संयुक्त रूप से नोएडा में सैमसंग द्वारा स्थापित दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल फोन निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति 9 जुलाई को भारत-कोरिया बिजनेस फोरम में भाग लिया।
महत्वपूर्ण है दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यात्रा
राष्ट्रपति मून की पहली भारत यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। भारतीय नेताओं के साथ मून की बातचीत के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि यह राष्ट्रपति मून की पहली भारत यात्रा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दक्षिण कोरिया, भारत का घनिष्ठ व्यापारिक और रणनीतिक सहयोगी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार "हम उम्मीद करते हैं कि यात्रा विशेष रूप से आर्थिक क्षेत्र में नई साझेदारी को जन्म देगी।। कोरिया गणराज्य भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। पिछले साल हमारे द्विपक्षीय व्यापार में 20 अरब डॉलर की बढोतरी हुई है।"
बता दें कि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं में दक्षिण कोरिया प्रमुख भागीदार है। इसके अलावा भारत में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए दक्षिण कोरिया द्वारा 10 बिलियन डालर की एक व्यवस्था की गई है। 2015 में प्रधान मंत्री मोदी सियोल गए थे। उनकी इस यात्रा से भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक लाने में मदद मिली।