श्रीलंका में ईस्टर संडे के मौके पर सीरियल ब्लास्ट को अंजाम दिया गया था। इस हमले में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने जांच के लिए 22 अप्रैल को तीन सदस्यों की एक जांच कमिटी गठित की थी। सुप्रीम कोर्ट के जज विजिथ मालागोड़ा की अध्यक्षता में यह जांच रिपोर्ट तैयार की गई है।
कोलंबो।श्रीलंका ( Sri Lanka ) में ईस्टर संडे के मौके पर हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमिटी बनाई गई थी, जिन्होंने सोमवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरीसेना ( President Maithripala Sirisena ) को सौंप दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विजिथ मालागोड़ा की अध्यक्षता में जांच कमिटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार की है। इस कमिटी में दो अन्य सदस्य पूर्व मंत्री पदमसीरी जयमन्ने और पूर्व पुलिस प्रमुख एन के इलांगाकून शमिल थे। फिलहाल इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है और न हीं इसका आंशिक विवरण उपलब्ध है। बता दें कि ईस्टर संडे के दिन हुए सीरियल ब्लास्ट में 258 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 11 भारतीय भी शामिल थे, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
हमले की जांच के लिए राष्ट्रपति ने जांच कमिटी गठित की
सीरियल ब्लास्ट की जांच कराने के लिए राष्ट्रपति सिरीसेना ने 22 अप्रैल को एक जांच कमिटी गठित की। जांच कमिटी को पता करना था कि इस हमले का संबंध कहां और किससे जुड़े हुए हैं। फाइनल रिपोर्ट जमा करने से पहले जांच कमिटी ने राष्ट्रपति को दो अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी। शुरूआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि इस हमले को 9 आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया है, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। सभी आत्मघाती हमलावरों ने कोलंबो में सेंट एंथोनी चर्च, पश्चिमी तटीय शहर नेगोंबो में सेंट सेबेस्टियन चर्च और पूर्वी शहर बटालिको में एक और चर्च के साथ पर्यटकों से भरे तीन बड़े होटलों को निशाना बनाते हुए हमले को अंजाम दिया था।
सरकार ने स्थानीय कट्टरपंथी संगठन को ठहराया था जिम्मेदार
बता दें कि श्रीलंका की सरकार ने इस सीरियल ब्लास्ट के लिए स्थानीय इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन नेशनल तौहिद जमात ( NTJ ) को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि घटना के दो दिन बाद आतंकी संगठन ISIS ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। इस हमले के बाद हरकत में आई पुलिस व जांच एजेंसियों ने 106 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि धमाकों के सिलसिले में एक तमिल माध्यम के शिक्षक और एक स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के बाद राष्ट्रपति सिरीसेना ने प्रशासन पर भी कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने पुलिस प्रमुख पूजिथ जयसुंदरा और उच्च रक्षा अधिकारी हेमासिरी फ्रनांडो को बर्खास्त कर दिया था। यह बताया गया था कि हमले से कई दिन पहले इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह सूचना दी थी कि इस तरह के हमले को अंजाम दिया जा सकता है।
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