एशिया

अफगानिस्तान के नंगरहार में आत्मघाती हमला, 19 की मौत, 57 घायल

प्रदर्शन कर रहे लोगों पर किया हमला, पुलिस कमांडर की बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे लोग
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Updated: 12 Sep 2018, 8:19 AM IST
bomb blast
अफगानिस्तान के नंगरहार में आत्मघाती हमला,19 की मौत, 57 घायल

काबुल।अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर किए गए एक आत्मघाती हमले में करीब 19 लोगों की मौत हो गई और 57 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी एक पुलिस कमांडर की बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे। नंगरहार गर्वनर के प्रवक्ता अत्ताउल्ला खोग्यानई के अनुसार यह घटना मंगलवार दोपहर करीब एक बजे हुई,जब एक आतंकी ने मोमंड दराह जिले में खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया। इलाके में मंगलवार को हुई यह चौथी घटना थी।

पुलिस कमांडर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

नंगरहार पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रवक्ता इनामुल्लाह मयाखिल के अनुसार आत्मघाती हमले में अब तक 19 लोग शहीद हुए हैं और 57 लोग घायल हुए हैं। यह घटना अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जलालाबाद को तोरखम सीमा मार्ग से जोड़ने वाले राजमार्ग पर हुई। यहां पर लोग एक स्थानीय पुलिस कमांडर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यहां ये चौथा हमला था। इससे पहले यहां अलग-अलग हुए तीन विस्फोटों में 14 साल के एक लड़के की मौत हो गई और चार नागरिक घायल हो गए थे।

एक किशोर की मौत, चार घायल

इससे पहले भी नंगहार में कई आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। मंगलवार को ही अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में लड़कियों के दो स्कूलों के पास तीन अलग-अलग विस्फोटों में एक किशोर की मौत हो गई और चार नागरिक घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट ने प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अत्ताउल्ला खोग्यानई के हवाले से कहा कि दो विस्फोट सुबह बेहसूद जिले में हुए। इसमें एक 14 साल के लड़के की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। उल्लेखनीय है कि जिस इलाके में यह धमाका हुआ है वो अफगानिस्तान में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट्स (आईएस) का गढ़ माना जाता है।

आईएस का गढ़ है नंगरहार प्रांत

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का अफगानिस्तान में 2015 में उभार हुआ और इसने नंगरहार के पूर्वी प्रांत में अपना गढ़ बना लिया। नंगरहार में हाल के हफ्तों में बड़ी संख्या में हमले हुए हैं। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में आईएसआईएस और तालिबान का बेहद खौफ है। इन इलाकों में पिछले कई सालों से लगभग हर हफ्ते हमला हो रहा है। आतंकियों के निशाने पर अक्सर सुरक्षा बलों के जवान, अस्पताल, स्कूल और दूतावासों की इमारतें होती हैं।

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