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गृहमंत्री राजनाथ ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दिलाई याद, आंतकियों के पास नहीं था ज्ञान और संस्कार

छात्रपति साहू जी महाराज विश्ववि़द्यालय के 33वें दीक्षान्त समारोह में भाग लेने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल रामनाईक और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा पहुंचे कानपुर
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कानपुर

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Vinod Nigam

•

Updated: 11 Sep 2018, 5:02 PM IST

Rajnath Singh gave statement, told the terrorists an enemy of Humane

गृहमंत्री राजनाथ ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दिलाई याद, आंतकियों के पास नहीं था ज्ञान और संस्कार

कानपुर। गृहमंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के राज्यपाल रामनाईक और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा सुबह कानपुर पहुंचे। चकेरी एअरपोर्ट में उतरने के बाद तीनों नेता सीधे छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के के 33वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर किये गए आत्मघाती हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हवाई जहाज चलाने वाले पायलट थे। उन्होंने भी अच्छी खासी डिग्री हासिल की थी और उनको बड़ा पैकेज हासिल मिल रहा था। पर आज ही के दिन न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को जहाज से टकराकर हजारों लोगो की जिंदगी ले लेने का काम किया था । उनके पास सब कुछ था लेकिन ज्ञान और संस्कार नहीं थे। गृहमंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देश के पास युवाओं की अच्छी खासी फौज है, जिन्हें वो इंजीनियर, डॉक्टर, कलेक्टर और मास्टर के बजाए टेरिस्ट बना रहा है। इसके लिए उन्हें शिक्षा के साथ आंतक की तालीम देता है और वो बेगुनाहों का खून बहाते हैं। पर भारत में ऐसा नहीं है। यहां का युवा देश के विकास में अहम योगदान दे रहा है और पूरे विश्व में अपने काम का लोहा बनवता है।

166 फीट ऊंचा ध्वज फहराया
छात्रपति साहू जी महाराज विश्ववि़द्यालय के 33वें दिक्षान्त समारोह में भाग लेने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल रामनाईक और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा कानपुर पहुंचे। इस मौके पर तीनों नेताओं ने 166 फ़ीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया। उत्तर प्रदेश की यह पहला विश्वविधालय है जंहा पर इतना ऊंचा रास्टीय ध्वज फहराया गया है। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने प्रोफ़ेसर एससी शर्मा को मानक उपाधि से नवाजा साथ ही कई उत्कृस्ट विद्यार्थीयों की हौसला अफजाई के लिए उनको सर्टिफेकट व मैडल दिए। छात्रों और मौजूद प्रोफेसरों के अलावा अन्य लोगों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि आज के ही दिन पढ़े लिखे आतंकवादियों ने न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को हवाई जहाज से टक्कर मार कर उड़ा दिया था। इस हादसे में सैकड़ों लोग मारे गए। उन पढ़े लिखे आतंकवादियों को देश, शहर, मोहल्ले और परिजनों से अच्छे संस्कार और ज्ञान नहीं दिए। जिसके चलते वो हथियार उठा कर लोगों को मौत दी। पर भारत में ऐसा नहीं है। हमारे युवा देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए जुटे हैं।

पर उनका काम विकनाश करना
राजनाथ सिंह ने वर्ल्ड इस ब्लैक नामक पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा की उस पुस्तक शीर्षक था इनफ़ोसिस वर्सेस अलकायदा। पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यह बताया था की दोनों में काम करने वाले लोगों में समानता है। इंफोसिस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले भी नौजवान है और अलकायदा जो आतंकवादी संगठन है उसमे काम करने वाले भी नौजवान हैं। इन्फ़ोसिस में काम करने वाले लोगों ने अच्छी खासी पढाई की है और अलकायदा में काम करने वाले भी पढ़े लिखे हैं। लेखक ने लिखा है की इंफोसिस में काम करने वाले और अलकायदा में काम करने वाले अपने काज के प्रति प्रतिबद्ध है । वर्ल्ड इस ब्लैक के लेखक टॉम्स फ्रीड मैन ने अपनी पुस्तक में आगे लिखा है कि इंफोसिस टेक्नोलॉजी और अलकायदा का अपना अपना ग्लोबल नेटवर्क है। इतनी सारी समानता होने के बावजूद क्या दोनों को एक ही तराजू के पलड़ों पर तोलना चाहिए। इस सच्चाई को कोई नकार नहीं सकता है कि इंफोसिस के नौजवान जो कर रहे हैं वो समाज के लिए कल्याणकारी है। जबकि अलकायदा के नौजवान जो कर रहे है वो समाज के लिए विनाशकारी है।

छात्रों को दिए मेडल
इसके पहले दीक्षा समारोह का अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल राम नाईक ने की। कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। इसके बाद सबसे पहले 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गईं। फिर सभी 47 छात्र-छात्राओं में अलग-अलग कैटेगरी में 74 पदक दिए गए। इनमें 19 कुलाधिपति कांस्य पदक, 43 स्वर्ण पदक, एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक दिए गए। डीजी कॉलेज की छात्रा प्राची तिवारी को सबसे ज्यादा 6 पदक मिले। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने संबोधित किया। इसके बाद दीक्षा समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह अपना संबोधन दे रहे हैं। विश्वविद्यालय का सभागार छात्र-छात्राओं और अतिथियों से खचाखच भरा हुआ है।