आतंकियों ने पुलिस चौकियों पर हमला कर 15 सुरक्षाकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। जबकि 10 का अपहरण कर लिया।
काबुलः अफगानिस्तान में जैसे-जैसे संसदीय चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे आतंकी गतिविधियां भी तेज होती जा रही हैं। शनिवार को दो उम्मीदवारों की रैली में विस्फोट के बाद देर रात आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया। फराह प्रांत के पोशट्रोड जिले में सात पुलिस चौकियों पर तालिबान के हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई जबकि 10 पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है।
सिलसिलेवार हमलों में 16 लोगों की मौत
इससे पहले शनिवार को संसदीय चुनाव प्रचार के दौरान सिलसिलेवार हमलों में 16 लोगों की मौत हो गई जबकि 36 घायल हो गए। पहला हमला तखार प्रांत में हुआ, जहां एक रैली में बम विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 35 घायल हो गए। तखार पुलिस के प्रवक्ता खलील असीर ने बताया, "रोस्ताक जिले में उम्मीदवार नजीफा यूसोफी बेग के चुनाव प्रचार के दौरान कैंपेन टेंट के पीछे विस्फोटको से भरी मोटरसाइकिल पार्क थी, जिसमें विस्फोट हुआ।" उन्होंने बताया कि जब विस्फोट हुआ, तो उम्मीदवार नजीफा टेंट के पास ही थी लेकिन उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई क्योंकि उन्होंने अपना वाहन नहीं छोड़ा था जबकि खुफिया एजेंट सहित तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। हेरात सरकार के प्रवक्ता जेलियानी फरहद ने बताया कि दूसरा हमला हेरात में हुआ, जहां कैंपेन ऑफिस के भीतर गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई
चुनावी हमलों में मारे गए छह दर्जन लोग
दरअसल, अफगानिस्तान में संसदीय और जिला परिषदों के चुनाव होने हैं। चुनावों के चलते हिंसा के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। 20 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए 33 प्रांतों से 249 उम्मीदवार खड़े हुए हैं। इस साल अफगानिस्तान में सिर्फ चुनावी रैलियों के दौरान हुए हमलों में करीब छह दर्जन लोग जान गंवा चुके हैं। मृतकों में सात चुनावी उम्मीदवार भी शामिल थे।