एजाज भारत के लिए लंबे समय से खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ लड़ता रहा है। वह घाटी में कई आतंकी घटनाओं में भी शामिल रहा है। एजाज मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का रहने वाला है।
नई दिल्ली।
अफगानिस्तान में ताबिलानी सरकार ने कामकाज पूरी तरह संभाल लिया है। हालांकि, गत अगस्त में अफगानिस्तान पर कब्जा किए जाने के बाद से ही तालिबान ने वहां की जेलों में बंद कुख्यात आतंकियों को रिहा करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी क्रम में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत यानी आईएसकेपी का कुख्यात आतंकी एजाज अहंगर भी जेल में बंद था, जिसे तालिबानियों ने रिहा कर दिया है।
एजाज भारत के लिए लंबे समय से खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ लड़ता रहा है। वह घाटी में कई आतंकी घटनाओं में भी शामिल रहा है। एजाज मूल रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का रहने वाला है। हालांकि, वह सीमा क्षेत्र में घुसपैठ करके घाटी में आता-जाता रहा है।
इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत का तत्कालीन प्रमुख हुजैफा पाकिस्तान के ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद आईएसकेपी की कमान भारत के खिलाफ आतंकी वारदात को अंजाम देने खासकर जम्मू-कश्मीर में असलम फारुखी आईएसकेपी प्रमुख जिसे भी अफगानिस्तान की जेल बगराम से रिहा गया। हाल ही में तालिबान ने आईएसकेपी के आतंकी एजाज अहंगर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के कहने पर रिहा गया है।
माना जा रहा है कि तालिबान धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर में पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। तालिबान की मदद के लिए पाकिस्तान की सरकार और उसकी खुफिया एजेंसियों ने एक योजना तैयार की। भारत अब तालिबान पर अपनी नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियों को तालिबान से निपटने के लिए खास तरीके की ट्रेनिंग भी दी जा रही है। आतंकी संगठन आईएसकेपी के जरिए एक बार फिर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है।