31 अक्टूबर को फजलुर रहमान ने 'आजादी मार्च' निकालने का ऐलान किया है JUI-F के दो नेता मौलाना शफीक-उर-रहमान व मौलाना मुहम्‍मद इरशाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इमरान सरकार के लिए सरदर्द बन चुके जमियत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के खिलाफ अब सरकार ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।
सोमवार को JUI-F के दो नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र में धारा 144 लागू होने के बावजूद भी बैनर लगाए और प्रशासन को चुनौती देते हुए नियमों क उल्लंघन किया है।
जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, JUI-F के दो नेता मौलाना शफीक-उर-रहमान व मौलाना मुहम्मद इरशाद को पुलिस ने बैनरों के साथ गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये दोनों धरने की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस ने इन दोनों को शम्स कालोनी से गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि ये लोगों को सरकार के खिलाफ धरने के लिए उकसा रहे थे। इन दोनों के साथ और भी कई लोग थे, जो पुलिस को देखकर फरार हो गए।
फजलुर रहमान को किया जा सकता है गिरफ्तार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अक्टूबर को होने वाले 'आजादी मार्च' से ठीक पहले फजलुर रहमान को गिरफ्तार किया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अक्टूबर के आखिरी चार दिनों में (संभवतः 26 अक्टूबर को) फजलुर रहमान को गिरफ्तार किया जा सकता है।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फजलुर रहमान को सरकार ने गिरफ्तार करने का फैसला कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का मानना है कि फजलुर रहमान इस रैली के बहाने लोगों को भड़का कर अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश में अव्यवस्था फैला सकता है। बता दें कि JUI-F ने आजादी मार्च को लेकर पाकिस्तान सरकार के साथ प्रस्तावित वार्ता को रद्द कर दिया है।
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