Rockets Strike On US Base: सीरिया में एक बार फिर से अमरीकी बेस पर हमला हुआ है। इस बार यह हमला रॉकेट्स से हुआ है।
दूसरे देशों में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमलों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार देर रात को दो रॉकेट्स से नॉर्थ ईस्टर्न सीरिया (Syria) में अमरीका (United States of America) के सैन्य बेस पर हमला हुआ है। यूएस सेंट्रल कमांड (US Central Command) के साथ ही पेंटागन (Pentagon) ने भी इस हमले के बारे में पुष्टि की। रिपोर्ट के अनुसार यह हमला रात को 10:30 बजे हुआ। हालांकि इस हमले में किसी की भी मौत नहीं हुई और न ही कोई घायल हुआ। बेस के अहम हिस्से को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
9 दिन में तीसरा ऐसा हमला
यूएस सेंट्रल कमांड ने इस बारे में बयान जारी करते हुए बताया कि यह 9 दिन में इस तरह का तीसरा हमला है। दरअसल आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ जंग में सैकड़ों अमरीकी सैनिक इस वक्त सीरिया में हैं।
किसका हो सकता है हाथ?
यूएस सेंट्रल कमांड ने हालांकि इस हमले के पीछे किसका हाथ हो सकता है, इस बारे में किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की है। लेकिन यह बात ज़रूर साफ कर दी है कि रॉकेट्स का निशाना बेस नहीं, बल्कि अमरीकी सैनिक थे।
तीसरा रॉकेट चलाने की भी थी तैयारी
जिस जगह से रॉकेट लॉन्च किए गए थे, वहाँ सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (Syrian Democratic Forces) ने मुआयना किया। जांच में उन्हें एक तीसरा रॉकेट भी मिला है, जिसे अमरीकी बेस पर लॉन्च करने की तैयारी थी। हालांकि किसी वजह से ऐसा हुआ नहीं।
क्या हो सकता है कारण?
दरअसल अमरीकी सेना सीरिया में सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ को सपोर्ट करती है। साथ ही उनके साथ मिलकर देश से आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए भी काम करती है। ऐसे में इस हमले का कारण अमरीकी सेना से बदला लेना हो सकता है।
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