कहा जा रहा है कि यूएई के सुल्तान मोदी सरकार द्वारा केरल को दी गई मदद ठुकराने को लेकर वह कहीं न कहीं आहत हैं
अबू धाबी। केरल में आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद यूएई से आई मदद ठुकराने को लेके यूएई के सुलन ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। यूएई के सुल्तान शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम के केरल की बाढ़ पर किए गए ट्वीट से अब नया विवाद खड़ा होने की संभावना बाद गई है। बता दें कि सुल्तान ने बाढ़ के दौरान अंग्रेजी और मलयालम भाषा में कई बार ट्वीट कर केरल के साथ खड़े होने की बात कही थी। बाद में ऐसी खबरे आई थीं कि केन्द्र सरकार द्वारा संयुक्त अरब अमीरात से मिली मदद ठुकरा दी गई है।
ट्विटर पर सुल्तान का तंज!
यूएई के सुल्तान मक्तूम जो देश के शासक के साथ-साथ उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी हैं, उनके रविवार और उसके बाद किये गए ट्वीट से ऐसा जाहिर हो रहा है कि मोदी सरकार द्वारा केरल को दी गई मदद ठुकराने को लेकर वह कहीं न कहीं आहत हैं और अप्रत्यक्ष रूप से मोदी सर्कार पर निशाना साध रहे हैं। इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया दे रहे कई लोग दावा कर रहे हैं कि सुल्तान मोदी सरकार पर सीधे हमला न बोलकर इशारों में बातें कर रहे हैं।
क्या है सुल्तान का ट्वीट
अरबी में किए गए ट्वीट में सुल्तान ने कहा है," शासन व्यवस्था में दो तरह के अधिकारी होते हैं। पहले किस्म के अधिकारी जनता की सेवा करते हैं और उन्हें आम आदमी का जीवन बेहतर बनाने में खुशी मिलती है। ऐसे अधिकारियों की यही उपलब्धि होती है कि आम आदमी का जीवन बेहतर हुआ है। ऐसे अधिकारी बंद दरवाजों को खोलते हैं, मुद्दों को सुलझाते हैं और हमेशा लोगों की बेहतरी की कोशिश करते हैं।"
इस ट्वीट के बाद सुल्तान ने एक अन्य ट्वीट किया। अपने दूसरे ट्वीट में सुल्तान ने पहले ट्वीट की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, "दूसरे किस्म के अधिकारी अक्सर चीजों को कम कर के आंकते हैं। अपने दर पर जरूरतमंदों की भीड़ देखकर ऐसे अधिकारियों को खुशी मिलती है। ऐसे ही देशों और सरकारों को सफलता मिलती है जहां पहले किस्म के अधिकारियों की संख्या दूसरे किस्म के अधिकारियों से बहुत ज्यादा हो।"
यूएई के अधिकारियों की सफाई
यूएई के सुल्तान के इस ट्वीट पर उठते विवादों के बीच यूएई के क्षेत्रीय अधिकारियों ने दावा किया है कि सुल्तान ने केवल संकट में पड़े लोगों का मनोबल बढ़ने के लिए इस तरह का ट्वीट किया है। बताया जा रहा है कि सुल्तान के दोनों ट्वीट्स पर इसलिए लोगों की नजर पड़ रही है क्योंकि केरल में बाढ़ की गंभीरता देखते हुए यूएई के सुल्तान ने खुद पहले करते हुए मदद की पेशकश की थी।