उनके जीवन की रक्षा के लिए विदेश के कई डॉक्टरों से भी संपर्क किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद राष्ट्रपति को बचाया नहीं जा सका
हनोई। वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांग का 61 वर्ष की आयु में गंभीर बीमारी के चलते निधन हो गया। वियतनाम की सरकारी मीडिया ने यह खबर दी है। वियतनाम की आधिकारिक न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रपति त्रान दाई क्वांग ने 21 सितंबर को सुबह 10 बज कर पांच मिनट पर सैन्य अस्पताल में अंतिम सांस ली। खबरों में बताया गया है कि उनके जीवन की रक्षा के लिए विदेश के कई डॉक्टरों से भी संपर्क किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद राष्ट्रपति को बचाया नहीं जा सका। उनके निधन के बाद वियतनाम की नेशनल असेंबली अगले महीने एक सत्र आयोजित कर नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी।
वियतनाम के दूसरे सर्वोच्च नेता थे
सरकार की तरफ से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के नेता के बाद वह देश के दूसरे सर्वोच्च नेता थे।हालांकि उनकी बीमारी के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई लेकिन कहा गया है कि "वियतनामी और विदेशी डॉक्टरों और पार्टी के नेताओं द्वारा उनकी देखभाल के लिए अत्यधिक प्रयास किए जाने के बावजूद क्वांग का निधन हो गया।" बता दें कि क्वांग ने पिछले साल कम्युनिस्ट देश की पहली राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मेजबानी की जहां ट्रम्प ने प्रशांत महासगरीय नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लिया। उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक में थे। बुधवार को एक चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए एक स्वागत समारोह में भी वह दिखे थे। हालांकि राज्य संचालित वियतनाम टेलीविजन पर प्रसारित हुए इस समारोह में वह काफी कमजोर लग रहा था।
लम्बे समय से थे बीमार
क्वांग पिछले साल एक महीने से ज्यादा समयसे सार्वजनिक रूप से कम दिखाई से रहे थे। जिससे उनके खराब स्वास्थ्य के बारे में अटकलें तेज हो रही थीं। उत्तरी निन्ह बिन्ह प्रांत में पैदा हुए क्वांग ने प्रारंभिक दौर में एक पुलिस कॉलेज में टीचर की नौकरी की और 2011 में मंत्री नियुक्त होने से पहले सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय में विभिन्न पदों पर काबिज रहे। जनरल क्वांग को कम्युनिस्ट-वर्चस्व वाली नेशनल असेंबली द्वारा अप्रैल 2016 में राष्ट्रपति चुना गया था। उसके बाद वह प्रभावी रूप से कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव गुयेन फु ट्रोंग के बाद देश में दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बन गए।