संयुक्त विपक्ष अल्वी को चुनौती देने के लिए एक साझा उम्मीदवार खड़ा करने की योजना पर काम कर रहा था। लेकिन यह योजना कारगर नहीं हो पाई।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में आज नए राष्ट्रपति लिए चुनाव हो रहा है । चुनाव सुबह 10 बजे शुरू हो गया और 4 बजे तक जारी रहेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त बुधवार को देश की संघीय सरकार को परिणाम की जानकारी देंगे। पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इस चुनाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने मतदान केंद्रों को पहले ही मतपत्र पत्र और अन्य संबंधित उपकरण भेज दिए हैं।
नेशनल एसेंबली के साथ सभी चार प्रांतीय एसेंबली में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरदार रजा खान निर्वाचन अधिकारी होंगे। बता दें कि निवर्तमान राष्ट्रपति ममनून हुसैन का कार्यकाल आठ सितंबर को समाप्त हो रहा है। उन्होंने पांच साल के दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव में उतरने से इनकार कर दिया था।
पीटीआई को अपनी उम्मीदवार की जीत का भरोसा
सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को अपनी उम्मीदवार की जीत बका पूरा भरोसा है। इस चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को छोड़कर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने सर्वसम्मति उम्मीदवार के रूप में जेयूआई प्रमुख मौलाना फजल उर रहमान को नामांकित किया है। जबकि पीपीपी ने सीनेटर एट्जाज अहसान को अपने उम्मीदवार के रूप में चुना है। वहीं सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक -ए-इंसाफ को भरोसा है कि इसके उम्मीदवार डॉ आरिफ अलवी राष्ट्रपति चुनाव को आसानी से जीतेंगे। पीटीआई का मानना है कि संयुक्त विपक्ष डॉ आरिफ अलवी के खिलाफ कोई संयुक्त उम्मीदवार को मैदान में उतारने में विफल रहा है।
बता दें, संयुक्त विपक्ष अल्वी को चुनौती देने के लिए एक साझा उम्मीदवार खड़ा करने की योजना पर काम कर रहा था। लेकिन यह योजना कारगर नहीं हो पाई।
चुनाव आयोग ने पूरी कीं तैयारियां
पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इस चुनाव के लिए अपनी तैयारियां मुक़्क़मल कर ली हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरदार रजा राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी हैं, जबकि संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रीय और प्रांतीय असेंबली में चुनाव के दौरान अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। चुनाव संसद का एक संयुक्त सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें नेशनल असेंबली और सीनेट के सदस्य वोट देने का अधिकार इस्तेमाल करेंगे। वहीं देश के अलग-अलग सूबों में प्रांतीय सभाएं ऐसे ही सत्र आयोजित कर मतदान की व्यवस्था करेंगे। उसके बाद सभी वोटों की उनके वेटेज के हिसाब से गिनती की जाएगी।