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पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अमरीका को दिया जवाब, आतंकवाद के खिलाफ आर्थिक मदद में हमारा भी हिस्सा

पाक की हो रही फजीहत पर बोले एसएम कुरैशी, यह फंड केवल अमरीका द्वारा नहीं दिया जाता था

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अमरीका को दिया जवाब, आर्थिक मदद में हमारा भी हिस्सा

वाशिंगटन। अमरीका द्वारा 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रोके जाने पर पाकिस्तान की दुनिया भर में जबरदस्त फजीहत हो रही है। इसे लेकर पाकिस्तान सरकार बचाव में आ गई है। सोमवार को पाक के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी ने सफाई दी कि यह फंड केवल अमरीका द्वारा नहीं दिया जाता था, बल्कि यह पाक और अमरीका का साझा फंड था। इस फंड का इस्तेमाल आतंकवाद के सफाए के रूप में हो रहा था। कुरैशी का कहना है कि हम यह फंड अपनी तरफ से इस्तेमाल कर रहे थे। अभी तक अमरीका की तरफ से उसके हिस्से का पैसा नहीं मिला है।
गौरतलब है कि शनिवार को अमरीका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता रद्द करने का ऐलान किया था। अमरीकी सेना ने एक बयान में कहा था कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रद्द कर रहा है। अमरीका के इस कदम से पीछे हटने की वजह यह बताई जा रही है कि पाकिस्तान आतंकवादी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने में असफल रहा है।

रद्द हुई पाकिस्तान को मदद

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोनी फॉकनर ने शनिवार को कहा कि इस मदद का उद्देश्य यह था कि पाकिस्तान इस धनराशि का उपयोग देश के लिए जरूरी आवश्यक प्राथमिकताओं पर करेगा। लेकिन हाल के दिनों में ऐसा देखा गया है कि पाकिस्तान की आतंकियों से निपटने और उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने की कोई मंशा नहीं है। फॉकनर ने कहा, "हम लगातार पाकिस्तान पर सभी आतंकवादी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाते रहे लेकिन पाकिस्तान ने कुछ नहीं किया।अब हम इस 30 करोड़ डॉलर की धनराशि को रद्द कर रहे हैं और इसका इस्तेमाल अन्य जरूरी कार्यो पर करेंगे।"

पाकिस्तान को पहले भी दी गई थी चेतावनी

बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर देश से अंदर पनप रहे आतंकवाद का निपटारा नहीं किया तो उसे दी जानी वाली आर्थिक सहायता रोक दी जाएगी। अब आर्थिक मदद रद्द करने का फैसला ऐसे समय में आया है,जब अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो पाकिस्तान की यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं। इससे पहले कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान पर धोखा देने के आरोप लगाते रहे हैं।

नए संकट में इमरान खान

अमरीका के इस फैसले के बाद पाकिस्तान को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर काफी नकारात्मकता झेलनी पड़ सकती है। यहां तक कि पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान के लिए यह बेहद चुनौती पूर्ण स्थिति है। हालांकि सेना के इस फैसले को अभी कांग्रेस की अनुमति मिलना बाकी है लेकिन जानकारों का मानना है कि इस में तब्दीली होने के आसार कम ही हैं।