दक्षिण पश्चिम चीन में एक गगनचुंबी इमारत जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उसमें दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित झरना है, अब चीन के राष्ट्रीय उपहास का केंद्र बन गया है।
बीजिंग। दक्षिण पश्चिम चीन में एक गगनचुंबी इमारत जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उसमें दुनिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित झरना है, अब चीन के राष्ट्रीय उपहास का केंद्र बन गया है। दक्षिण पश्चिम चीन में गुयांग शहर में टावर एक शानदार 108 मीटर कास्केड के साथ बनाया गया है।लेकिन इसका रख रखाव एक समस्या साबित हो रहा है।
खर्च से परेशान है इमारत का मालिक
हालांकि चीन की लाइबियन इंटरनेशनल बिल्डिंग अभी तक समाप्त नहीं हुआ है, फिर भी झरने की सुविधा दो साल पहले पूरी हो गई थी। निर्माण के बाद इसे अभी तक कुल छह बार ही चलाया गया है। टॉवर का मालिक प्रति घंटे इस पर खर्च होने वाली बड़ी रकम से परेशान है। इस ढांचे में प्रति घंटे जल ऊपर चढ़ाने में 800 युआन (120 अमरीकी डॉलर) का खर्च आता है।
लुडी इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा निर्मित, इमारत में एक शॉपिंग मॉल, कार्यालय और एक लक्जरी होटल होगा।
पैसे की बर्बादी पर उड़ाया जा रहा है मजाक
गगनचुंबी इमारत की पहचान बन चुके इस कृत्रिम झरने के लिए विशाल भूमिगत टैंकों में एकत्रित वर्षा जल और भूजल का उपयोग किया जाता है। कंपनी का कहना है कि यह झरना स्थानीय क्षेत्र की बंजर और शुष्क जलवायु को थोड़ी शीतलता देती है। लेकिन चीनी सोशल मीडिया में इस परियोजना को पैसे की बर्बादी के रूप में बदनाम कर दिया गया है। लुडी इंडस्ट्री ग्रुप द्वारा तैयार की गई इस इमारत में शॉपिंग मॉल, कार्यालय और लग्जरी होटल होंगे। बता दें कि चीन के तेजी से हो रहे आर्थिक विकास के साथ एक निर्माण कार्य भी बढ़त पर हैं।