Aaj Ka Panchang 11 April 2026 : शनिवार 11 अप्रैल 2026 का पूरा पंचांग: नवमी तिथि, श्रवण नक्षत्र, सवार्थसिद्धि योग। शुभ चौघड़िया 7:45-9:20, पूर्व दिशा शूल। ज्योतिबा फुले जयंती। मकर राशि बच्चे के नाम ज, जी, खी। राहुकाल 9-10:30। शुभ मुहूर्त चेक करें!
Aaj Ka Panchang 11 April 2026 :शनिवार, 11 अप्रैल 2026 का पंचांग विक्रम संवत 2083 (रौद्र संवत्सर) में प्रवेश करता है। आज उत्तरायण और बसंत ऋतु में वैशाख कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 12:38 तक रहेगी। शुभ कार्यों के लिए 7:45 से 9:20 तक शुभ चौघड़िया और 2:02 से 5:11 तक लाभ-अमृत मुहूर्त बेस्ट। पूर्व दिशा में यात्रा न करें, राहुकाल 9:00-10:30 सावधान। महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती मनाएं। चंद्र मकर राशि में, आज जन्मे बच्चों के नाम ज, जी, खी, खु, खे रखें। मकर राशि वाले धैर्यवान व्यापारी स्वभाव के होते हैं।
(वीडियो सोर्स : Devdarshan TV)
विक्रम संवत् - 2083
संवत्सर नाम – रौद्र
शक संवत् – 1948
हिजरी सन् – 1447
मु. मास – 22 सव्वाल
अयन – उत्तरायण
ऋतु – बसंत ऋतु
मास – वैशाख
पक्ष – कृष्ण
| क्रमांक | चौघड़िया प्रकार | समय (प्रारम्भ - समाप्ति) | कार्य की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभ | 7:45 AM – 9:20 AM | शुभ कार्य के लिए अच्छा |
| 2 | चर | 12:28 PM – 2:02 PM | सामान्य/चल कार्य के लिए उपयुक्त |
| 3 | लाभ | 2:02 PM – 3:36 PM | लाभदायक कार्यों के लिए अच्छा |
| 4 | अमृत | 3:36 PM – 5:11 PM | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए श्रेष्ठ |
दिशा शूल - आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 9.00 से 10.30 तक
तिथि – नवमी तिथि रात्रि 12.38 तक होगी तदुपरान्त दशमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दिन 1.40 तक रहेगा तदुपरान्त श्रवण नक्षत्र होगा ।
योग – सिद्ध योग सायं 6.39 तक रहेगा तदुपरान्त साध्य योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण दिन 11.57 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – सवार्थसिद्धि योग दिन 1-40 से सूर्योदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा ।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते।