Today Panchang 16 February 2026 : आज का पंचांग 16 फरवरी 2026 में जानें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल और विशेष उपाय। दिन को शुभ बनाने की पूरी जानकारी पढ़ें।
Aaj Ka Panchang 16 February 2026 : आज का पंचांग 16 फरवरी 2026, सोमवार को आपको दिनभर के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की स्थिति, चौघड़िया, राहुकाल और विशेष योगों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। आज सर्वार्थसिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही मकर राशि में चंद्रमा की स्थिति मानसिक स्थिरता, धैर्य और निर्णय क्षमता को मजबूत करेगी। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य, यात्रा, पूजा या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए मार्गदर्शक साबित होगा।
| क्रम संख्या | विवरण (Description) | जानकारी (Details) |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 27 सावान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | शिशिर ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | कृष्ण |
आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.30 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.54 से 11.17 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.05 से 3.28 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 3.28 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – चतुर्दशी तिथि सायं 5.35 तक होगी तदुपरान्त अमावस्या तिथि होगी ।
नक्षत्र – श्रवण नक्षत्र रात्रि 8.48 तक होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
योग – वरियान योग रात्रि 1.50 तक रहेगा तदुपरान्त परिघ योग रहेगा ।
करण – शकुनि करण सायं 5.35 तक रहेगा तदुपरान्त चतुष्पद करण रहेगा।
विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से रात्रि 8-48 तक ।
व्रत / दिवस विशेष – मुनि वासुदेव पूज्यनाथ जयती,
चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मकर राशि में होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मकर होगी ।
आज रात्रि 8.48 तक जन्म लेने वाले बच्चों का श्रवण नक्षत्र होगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर खु, खे, खो, ग, गी पर रखे जा सकते हैं।
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।