Annapurna Jayanti 2025 : दिसंबर के महीने में अन्नपूर्णा जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को खास प्रकार के व्यंजन का भोग लगाया जाता है। आइए जानें कब है अन्नपूर्णा जयंती।
Annapurna Jayanti 2025: दिसंबर के महीने में अन्नपूर्णा जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा की जाती है। इस दिन मां को खास प्रकार के व्यंजन का भोग लगाया जाता है। आइए जानें कब है अन्नपूर्णा जयंती।
Annapurna Jayanti 2025: अन्नपूर्णा माता को मां पार्वती का ही रूप माना जाता है। इनको अन्न देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा की पूजा करने से साधक को कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है। अन्नपूर्णा जयंती मां अन्नपूर्णा के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे विधि- विधान के साथ मां की पूजा की जाती है। अन्नपूर्णा जयंती पर मां को विशेष प्रकार का भोग लगाया जाता है। अन्नपूर्णा जयंती हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है। मां अन्नपूर्णा ने धरती पर से अन्न की समस्या को दूर करने के लिए अवतार लिया था। आइए जानें इस साल अन्नपूर्णा जयंती कब है।
अन्नपूर्णा जयंती हर वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 04 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 5 दिसंबर 05 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 43 मिनट पर होगा। ऐसे में पंचांग के अनुसार 4 दिसंबर को पूर्णिमा तिथि पड़ेगी। इसी दिन अन्नपूर्णा जयंती भी मनाई जाएगी।
हिंदू धर्म में अन्नपूर्णा जयंती का बहुत ही खास महत्व है। मां अन्नपूर्णा को संसार की भरण पोषण करने वाली माना जाता है। मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद जिन पर होता है उन लोगों को कभी भी अन्न, धन कमी नहीं होती है। उनका भंडार हमेशा भरा रहता है। मां अन्नपूर्णा को माता पार्वती का ही रूप बताया जाता है। अन्नपूर्णा जयंती के खास अवसर पर मां की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है। इस दिन रसोई घर की अच्छे साफ सफाई करके और चूल्हे की पूजा करके ही भोजन पकाना चाहिए।