
August Shubh Yog: अगस्त का महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस माह ग्रहों और नक्षत्रों की अद्भुत चाल से कई अत्यंत दुर्लभ और मंगलकारी शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में नया वाहन, जमीन, मकान खरीदना या किसी नए कार्य की शुरुआत लाभदायक रहेगी। ज्योतिषाचार्य हिमांशु-हुकुमचंद जैन ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पूरे अगस्त महीने में गुरु पुष्यामृत योग और रवि पुष्यामृत योग का संयोग नहीं बन रहा है। हालांकि, अन्य शक्तिशाली योगों की लंबी फेहरिस्त आपके हर बिगड़े काम को संवारने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमृत के समान फल वेने वाले अमृत सिद्धि योग इस माह दो बार पड़ेंगे। निवेश और मांगलिक कार्यों के लिए यह समय स्वर्णिम है।
08 अगस्त : सुबह 5.46 बजे से शाम 4.51 बजे तक।
16 अगस्त : सुबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3:50 बजे तक।
सफलता के पर्याय माने जाने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग इस महीने 6 दिन अपनी छटा बिखेरेंगे। इस योग में किया गया कार्य शत-प्रतिशत सफल माना जाता है।
08 अगस्त : सुबह 5.46 से शाम 4.51 बजे तक।
16 अगस्त : सुबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3.50 बजे तक।
20 अगस्त : सुबह 9.08 से अगले दिन सुबह 5.53 बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 5.53 से अगले दिन सुबह 5.53 बजे तक।
23 अगस्त : सुबह 5.54 से शाम 5.44 बजे तक।
30 अगस्त : सुबह 5.58 से अगले दिन सुबह 3.44 बजे तक।
ग्रंथों के अनुसार, इन योगों में जो भी वस्तु खरीदी जाती है या धन का निवेश किया जाता है, उसमें कई गुना वृद्धि होती है।
द्विपुष्कर योग (09 अगस्त) : सुबह 11.05 से दोपहर 02.43 बजे
त्रिपुष्कर योग (25 अगस्त) : सुबह 5.55 से सुबह 6.21 बजे तक।
त्रिपुष्कर योग (29 अगस्त) : सुबह 9.57 बजे से अगले दिन सुबह 3.42 बजे तक।
सूर्य के प्रभाव वाले रवि योग को सभी प्रकार के दोषों और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
05 अगस्त : सुबह 5.44 से रात 9.18 बजे तक।
15 अगस्त : सबह 5.50 से अगले दिन सुबह 3.25 बजे तक।
17 अगस्त : सुबह 5.51 से अगले दिन सुबह 5.52 बजे तक।
18 अगस्त : सुबह 5.51 से अगले दिन सुबह 5.52 बजे तक।
19 अगस्त : सुबह 5.52 से सुबह 6.46 बजे तक।
21 अगस्त : सुबह 11.55 से अगले दिन सुबह 5:53 बजे तक।
22 अगस्त : सुबह 5.53 से अगले दिन सुबह 5.54 बजे तक।
23 अगस्त : सुबह 5.54 से शाम 5.44 बजे तक।
26 अगस्त : सुबह 5.56 से आधी रात 12.47 बजे तक