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121 किलो चांदी के गणपति का भव्य दरबार, उडुपी के कृष्ण मंदिर की जीवंत झांकी बनी आकर्षण

गणेशोत्सव के दौरान शहर में गणपति की आकर्षक प्रतिमाएं और भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सराफ गट्टी गणेश उत्सव मंडल की ओर से इस बार 121 किलो चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। चांदी से सजे गणपति का भव्य दरबार, आकर्षक रोशनी और धार्मिक सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। गणपति के दर्शन के लिए शाम होते ही यहां भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है।
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चांदी का भव्य दरबार: सराफ गट्टी में 121 किलो चांदी से निर्मित गणपति की भव्य प्रतिमा और सजा हुआ दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

चांदी का भव्य दरबार: सराफ गट्टी में 121 किलो चांदी से निर्मित गणपति की भव्य प्रतिमा और सजा हुआ दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

चांदी की प्रतिमा का मनमोहक स्वरूप

गणेश प्रतिमा के आसपास फूलों, आभूषणों और आकर्षक सजावटी सामग्री से भव्य दरबार सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी के बीच चांदी से निर्मित गणपति की प्रतिमा का स्वरूप और भी मनमोहक दिखाई देता है। दर्शन के दौरान श्रद्धालु प्रतिमा की भव्यता और सजावट को निहारते नजर आते हैं।

उडुपी के कृष्ण मंदिर की जीवंत झांकी

सराफ गट्टी गणेशोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण उडुपी के कृष्ण मंदिर की जीवंत झांकी है। करीब साढ़े चार मिनट के इस विशेष शो में उडुपी के कृष्ण मंदिर से जुड़ी धार्मिक कथा को दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया गया है। इसमें तीन कलाकार अलग-अलग भूमिकाएं निभाते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह विशेष शो निशुल्क रखा गया है।

शाम 7.30 बजे से देर रात तक विशेष शो

विशेष शो का आयोजन प्रतिदिन शाम 7.30 बजे से देर रात तक किया जा रहा है। गणेश दर्शन के साथ श्रद्धालु इस धार्मिक प्रस्तुति का भी आनंद ले रहे हैं। शो देखने के लिए शाम के समय सराफ गट्टी में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।

प्रतिदिन प्रसाद, आरती और धार्मिक आयोजन

गणेशोत्सव के दौरान मंडल की ओर से प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ आरती सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन भी हो रहे हैं। करीब 12 दिनों तक चलने वाले उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

मिट्टी के गणपति से चांदी की प्रतिमा तक

सराफ गट्टी में गणेशोत्सव की यह परंपरा कई वर्षों पुरानी है। मंडल से जुड़े लोगों के अनुसार, शुरुआती वर्षों में यहां मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित की जाती थी। समय के साथ आयोजन का स्वरूप बदला और करीब एक दशक पहले चांदी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा शुरू हुई। अब चांदी के गणपति सराफ गट्टी गणेशोत्सव की प्रमुख पहचान बन चुके हैं।

आसपास के क्षेत्रों से भी पहुंच रहे श्रद्धालु

121 किलो चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा, भव्य दरबार और उडुपी के कृष्ण मंदिर की जीवंत झांकी देखने के लिए हुब्बल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के साथ आसपास के इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम के समय पूरा परिसर भक्तों की आवाजाही से गुलजार हो जाता है और गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठता है।

करीब एक दशक से चांदी के गणपति की परंपरा

मंडल के कोषाध्यक्ष सचिन मिसकिन ने बताया कि करीब एक दशक से गणेश महोत्सव के अवसर पर हर साल यहां चांदी की गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस प्रतिमा में करीब 121 किलो चांदी का उपयोग हुआ है। इसके साथ मामूली मात्रा में सोने का भी उपयोग किया गया है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के कारण गणेशोत्सव के दौरान सराफ गट्टी का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।

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