
आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
वीर तेजाजी राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में गिने जाते हैं। लोकमान्यता के अनुसार उनका जीवन वचनपालन, वीरता और गौ-रक्षा के लिए समर्पण का प्रतीक है। नागौर जिले के खरनाल से जुड़ी तेजाजी की लोकगाथा राजस्थान की लोकसंस्कृति में विशेष स्थान रखती है। तेजाजी की कथा का सबसे प्रमुख संदेश वचन की दृढ़ता है। लोकमान्यता में कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने वचन को पूरा करने के लिए उन्होंने प्राणों का बलिदान दिया। यही कारण है कि तेजा दशमी पर राजस्थान के अनेक क्षेत्रों में उनके मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाती है और मेले व धार्मिक आयोजन होते हैं।
जाट समाज हुब्बल्ली-धारवाड़ की ओर से वीर तेजाजी महाराज के 923वें निर्वाण दिवस के अवसर पर 21 सितंबर को गोकुल रोड स्थित नानकी कन्वेंशन हॉल में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर केश्वापुर स्थित पतंजलि राज्य कार्यालय में बैठक हुई। योग गुरु भंवरलाल आर्य के मार्गदर्शन में हुई बैठक में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
योग गुरु भंवरलाल आर्य ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे हवन-पूजन से होगी। इसके बाद सुबह 9 बजे महाआरती की जाएगी। महाआरती के बाद धवा, जोधपुर के युवा गायक विनोद सियोल एवं पार्टी की ओर से सत्संग प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में जाट समाज के साथ हुब्बल्ली-धारवाड़ में निवासरत राजस्थानी समाज के लोग भी शामिल होंगे। श्रद्धालुओं के लिए दोपहर में महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने समाजबंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
तेजा दशमी का यह आयोजन लोकदेवता तेजाजी की स्मृति के साथ राजस्थानी लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा। आयोजन के जरिए वचनपालन, साहस, गौ-रक्षा और लोककल्याण जैसे मूल्यों को याद किया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में चुन्नीलाल भांबू, अनिल मुण्डण, रतनलाल भादू, पप्पूराम गोदारा, मगाराम लोल, जगदीश धतरवाल, मदन गोदारा, राजेंद्र बुगालिया, भंवराराम मनमोड़ा, जालाराम कडोलिया, गोपाल बुगालिया, किशन गोदारा और डालूराम भादू सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
Updated on:
20 Sept 2026 10:21 pm
Published on:
20 Sept 2026 10:06 pm
