
बाबा रामदेव
आयोजकों के अनुसार शाम 8 बजे बाबा रामदेवजी की आरती के साथ रात्रि जागरण की शुरुआत होगी। इसके बाद रातभर भजनों का दौर चलेगा। अनीता जांगीड़ एंड पार्टी बाबा रामदेवजी के जीवन, लोककल्याण और भक्ति से जुड़े प्रसंगों को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत करेगी। इस दौरान ‘बाबा रामदेवजी म्हारा पीर...’, ‘रुणिचा रा धणी रामदेव...’ सहित पारंपरिक भजनों की गूंज सुनाई देगी।
श्री बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ के अध्यक्ष उदाराम प्रजापत थलवाड़ एवं महासचिव मालाराम देवासी बिठूजा ने समाजबंधुओं से परिवार सहित रात्रि जागरण में शामिल होने का आग्रह किया है। हुब्बल्ली में रहने वाले प्रवासी राजस्थानी समाज के लोग हर साल इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। आयोजकों का कहना है कि रात्रि जागरण केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राजस्थान की लोकआस्था, संस्कृति और भक्ति परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। भजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को बाबा रामदेवजी की लोकपरंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
बाबा रामदेव महाराज राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में माने जाते हैं। उनका प्रमुख धाम रामदेवरा (रुणिचा) राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है। देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लोकमान्यता के अनुसार बाबा रामदेवजी ने अपना जीवन मानव सेवा, समानता और जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित किया। हिंदू समाज में बाबा रामदेव के नाम से पूजे जाने वाले रामदेवजी को मुस्लिम श्रद्धालु रामसा पीर के रूप में मानते हैं। उनकी भक्ति परंपरा में सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई देता है।
बाबा रामदेवजी से जुड़ी लोककथाओं में उनके चमत्कारों और जनकल्याणकारी कार्यों का उल्लेख मिलता है। राजस्थान में उनकी लोकआस्था आज भी भजनों, जागरण और मेलों के माध्यम से जीवंत है। उनकी परंपरा जाति-पंथ से ऊपर उठकर मानवता की सेवा और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने का संदेश देती है।
Updated on:
19 Sept 2026 09:37 pm
Published on:
19 Sept 2026 09:36 pm
