
राजस्थानी-मारवाड़ी भजन गायिका अनीता जांगीड़।
अनीता जांगीड़ : मेरे पिता दिलीप जांगीड़ भी अच्छे भजन कलाकार रहे हैं। घर में शुरू से ही भजन और संगीत का माहौल रहा। पिता ही मेरे गुरु हैं। उन्होंने मुझे भजन गायन सिखाया और मंच पर प्रस्तुति देने के लिए प्रोत्साहित किया। बचपन से भजनों के प्रति रुचि बढ़ती गई और यही मेरी पहचान बन गई।
अनीता जांगीड़ : पिछले पांच वर्षों से देशभर के अलग-अलग शहरों में भजनों के कार्यक्रम कर रही हूं। अब तक एक हजार से अधिक स्टेज शो में प्रस्तुति दे चुकी हूं। राजस्थान के अलावा देश के कई प्रमुख शहरों में राजस्थानी-मारवाड़ी भजनों के माध्यम से श्रोताओं से जुड़ने का अवसर मिला।
अनीता जांगीड़ : मैं देवी-देवताओं के साथ लोकदेवताओं के भजन भी गाती हूं। बाबा रामदेव, खेतेश्वर, राजेश्वर, जेतेश्वर, रानी भटियाणी, जोगमाया, खाटू श्याम, हनुमानजी, शिवजी और गणेशजी सहित अनेक देवी-देवताओं के भजन गाती हूं। सैकड़ों भजन मुझे कंठस्थ हैं। कार्यक्रम के अनुसार भजनों का चयन करती हूं।
अनीता जांगीड़ : राजस्थानी संस्कृति हमारी पहचान है। राजस्थानी और मारवाड़ी भजनों में हमारी लोक आस्था, परंपरा और संस्कृति की झलक मिलती है। मेरी इच्छा है कि हमारी राजस्थानी संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान मिले और युवा पीढ़ी भी इससे जुड़े। युवा अपनी भाषा, लोकगीत और परंपराओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएं।
अनीता जांगीड़ : सोशल मीडिया कलाकारों के लिए बहुत अच्छा माध्यम है। मंच पर दी गई प्रस्तुति सीमित लोगों तक पहुंचती है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए वही भजन देश-दुनिया तक पहुंच सकता है। मेरे एएसपी म्यूजिक (अनीता जांगीड़) यूट्यूब चैनल पर एक लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर करीब 6.31 लाख फॉलोवर हैं। सोशल मीडिया से युवा पीढ़ी से जुड़ने का भी अवसर मिलता है।
अनीता जांगीड़ : मैं पाली के भंसाली कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ रही हूं। पढ़ाई को भी पूरा समय देती हूं। कार्यक्रमों के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालती हूं। स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन करती रही हूं। मेरा मानना है कि कला के साथ शिक्षा भी जरूरी है।
अनीता जांगीड़ : मुझे ड्राइंग में काफी रुचि है। खाली समय में चित्र बनाना पसंद करती हूं। पढ़ाई और गायन के साथ चित्रकारी भी मुझे पसंद है।
अनीता जांगीड़ : परिवार का पूरा सहयोग मिलता है। मेरे पिता दिलीप जांगीड़ स्वयं भजन कलाकार रहे हैं और वही मुझे गायन सिखाते हैं। हम चार बहनें हैं और मैं सबसे बड़ी हूं। परिवार ने हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाया है।
अनीता जांगीड़ : हां, मेरी सबसे छोटी बहन टीना जांगीड़ अभी चौथी कक्षा में पढ़ती है। उसका करीब तीन मिनट का एक गाना यूट्यूब पर काफी पसंद किया जा रहा है। इस गाने को करीब 26 लाख बार देखा जा चुका है। टीना जांगीड़ ऑफिशियल नाम से उसका यूट्यूब चैनल है। उसे भी गायन में रुचि है।
अनीता जांगीड़ : हुब्बल्ली में प्रस्तुति देना अच्छा अनुभव रहा। यहां बड़ी संख्या में राजस्थान और मारवाड़ से जुड़े परिवार रहते हैं। भजनों के दौरान लोगों का उत्साह और अपनापन देखकर खुशी हुई। ऐसे कार्यक्रम राजस्थानी समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
अनीता जांगीड़ : आगे भी भजन गायन जारी रखते हुए राजस्थानी-मारवाड़ी भजनों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती हूं। देश के साथ विदेशों में रहने वाले राजस्थानी समाज तक भी अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं को पहुंचाने की इच्छा है। पढ़ाई जारी रखते हुए गायन में भी आगे बढ़ना चाहती हूं।
Updated on:
21 Sept 2026 01:05 pm
Published on:
21 Sept 2026 01:02 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
