Buddh Vakri 2026 : बुध वक्री 2026 का असर मेष, सिंह, धनु और कर्क राशि पर शुभ रहेगा। जानें करियर, पैसा, रिश्ते और उपाय से जुड़ी पूरी जानकारी।
Buddh Vakri 2026 : ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध देव जल्द ही अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। जब भी बुध वक्री (Retrograde) होते हैं, तो इसका सीधा असर हमारी बुद्धि, व्यापार और बातचीत के तरीके पर पड़ता है। इस बार 26 फरवरी 2026 से बुध शनि की राशि कुंभ में अपनी उलटी चाल शुरू करेंगे और 20 मार्च तक यानी पूरे 23 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे।
भले ही उलटी चाल सुनने में डरावनी लगे, लेकिन ज्योतिष की मानें तो यह कुछ राशियों के लिए बंद किस्मत के ताले खोलने वाली चाबी साबित हो सकती है।
बुध का यह गोचर मुख्य रूप से चार राशियों के लिए छप्परफाड़ खुशियां लेकर आ रहा है:
मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आपका कोई काम लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह अब रफ्तार पकड़ेगा।
बिजनेस: बड़ा मुनाफा होने के योग हैं।
नौकरी: ऑफिस में आपकी वाह-वाही होगी और दोस्तों का पूरा साथ मिलेगा।
रिश्ते: वैवाहिक जीवन में रोमांस और शांति बनी रहेगी।
धनु राशि वालों के लिए यह वक्री काल आर्थिक मजबूती लेकर आएगा।
धन लाभ: अगर आपने किसी को पैसा उधार दिया है, तो इस दौरान उसके वापस मिलने की पूरी संभावना है।
करियर: नई नौकरी के शानदार ऑफर मिल सकते हैं।
परिवार: घर का माहौल खुशनुमा रहेगा और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।
सिंह राशि के जातकों के लिए बुध की उलटी चाल शुभ परिणाम देने वाली है। आपकी कम्युनिकेशन स्किल (बोलने की कला) लोगों को प्रभावित करेगी, जिससे आपके बिगड़े काम बन जाएंगे।
कर्क राशि वालों के लिए यह समय करियर में सूझ-बूझ दिखाने का है।
तरक्की: बिजनेस में नए मौके मिलेंगे। बस ध्यान रखें कि जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
रिश्ते: जीवनसाथी और परिवार के साथ आपके संबंध और गहरे होंगे।
चूंकि बुध संचार और तकनीकी का कारक है, इसलिए वक्री काल में कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए:
वाणी पर संयम: कर्क राशि वालों को खास तौर पर अपनी जुबान पर लगाम रखनी होगी। गलतफहमी की वजह से वाद-विवाद हो सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का रखें ध्यान: बुध के वक्री होने पर अक्सर फोन, लैपटॉप या इंटरनेट में दिक्कतें आती हैं। जरूरी डेटा का बैकअप जरूर लेकर रखें।
त्वचा और सेहत: ज्योतिष के अनुसार बुध त्वचा (Skin) का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस दौरान एलर्जी या स्किन संबंधी छोटी परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए सेहत को नजरअंदाज न करें।
अगर आपकी कुंडली में बुध कमजोर हैं, तो इस 23 दिनों की अवधि में भगवान गणेश की पूजा करें और बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाएं। इससे बुध के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।