धर्म/ज्योतिष

Budh Ast: वक्री बुध 4 दिन बाद ही हो जाएंगे अस्त, बातचीत और स्वास्थ्य में गड़बड़ी होगी, 5 राशियों पर टूटेगा दुख का पहाड़, यहां जानें बचने के उपाय

Budh Ast November 2024: ग्रहों के राजकुमार बुध की चाल में नवंबर में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा, पहले तो बुध वक्री होंगे फिर चौथे दिन बुध अस्त हो जाएंगे। यह दोनों परिवर्तन सभी राशियों की लाइफ में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विशेष रूप से बुध अस्त से 5 राशियों की लाइफ में मुसीबत का पहाड़ तोड़ सकता है। आइये जानते हैं बुध अस्त का असर क्या होगा...

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Nov 21, 2024
Budh Ast November 2024 Prabhav: बुध अस्त प्रभाव

Budh Ast November 2024 Prabhav: पंचाग के अनुसार 26 नवंबर को ग्रहों के राजकुमार बुध मंगल की राशि वृश्चिक में वक्री हो जाएंगे यानी की इस डेट से बुध वृश्चिक राशि में उल्टी चाल चलने लगेंगे। इसके चौथे दिन 30 नवंबर को रात 8.19 बजे इसी राशि में अस्त हो जाएंगे। इसका कुछ राशियों पर शुभ प्रभाव पड़ता है और कुछ राशियों पर अशुभ असर होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध अस्त होने के बाद अंधकारमय हो जाता है। इससे संचार पर दुष्प्रभाव पड़ने के कारण व्यक्ति संकोची होता जाता है। साथ ही उस व्यक्ति के गुप्त शत्रु बन जाते हैं। इस समय जिस राशि में शुभ ग्रहों की दृष्टि होगी, उसका आध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा और वह विशेष रूप से तंत्र मंत्र की ओर आकर्षित होगा।

वहीं शुभ-अशुभ दोनों तरह के ग्रह की दृष्टि पड़ रही है तो जातक काले जादू की ओर आकर्षित हो सकता है। जबकि सिर्फ अशुभ ग्रह की दृष्टि पड़ रही है तो तर्क शक्ति काम न करने से व्यक्ति चोरी या हत्या की ओर प्रवृत्त हो सकता है। बहरहाल, आइये जानते हैं वृश्चिक राशि में बुध अस्त होने से किन राशियों पर सबसे अधिक नकारात्मक असर पड़ेगा।

मेष राशि

बुध के वृश्चिक राशि में अस्त होने के बाद मेष राशि वालों को त्वचा संबंधित परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मूत्र संबंधित संक्रमण और मच्छर काटने से कोई बीमारी हो सकती है। मेष राशि के छात्रों के लिए यह समय परेशानी वाला रहेगा।

बातचीत में परेशानी आएगी, पढ़ाई के दबाव से सेहत खराब हो सकती है। इस समय संभलकर बातचीत करें। खानपान को लेकर भी सतर्क रहना होगा। छोटे भाइयों से बहस से बचें, पैसे संभालकर रखें।

वृषभ राशि

नवंबर में बुध का अस्त होना वृषभ राशि वालों के लिए भी ठीक नहीं है। इस समय अहंकार के कारण जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार से बातचीत संबंधित कोई समस्‍या हो सकती है। मां का दखल आपके वैवाहिक रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है।

आपका ध्यान घर के काम पर रहेगा, इससे आप पार्टनर और बच्चों के भावनात्मक जरूरतों को नजरअंदाज कर सकते हैं। इससे परिवार में समस्‍या हो सकती है। परिवार के साथ कुछ अच्‍छा समय बिताकर और बातचीत करके इससे निपट सकते हैं। किसी के लिए कड़वी और अपमानजनक बात न कहें।

कर्क राशि

बुध अस्त होने से आर्थिक स्थिति नियंत्रण में रहेगी। इस अवधि में बच्‍चों से पूरे जोश के साथ बात करें और उनकी मदद के लिए आगे रहें। इस समय संतान के साथ चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है लेकिन बातचीत से हल निकाल सकते हैं।

इस समय कर्क राशि वालों को लव लाइफ में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में भी कुछ समस्या आ सकती है।

कन्या राशि

वृश्चिक राशि में बुध का अस्त होना कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य समस्या ला सकता है। इसका असर कन्या राशि वालों के पेशेवर जीवन पर पड़ सकता है। इस अवधि में टेंशन आपका स्वास्थ्य बिगाड़ सकती है।

इससे निजी और पेशेवर कर्तव्यों को संभालने में मुश्किल होगी। आपको समझना होगा कि अ‍हंकार की तुष्टि के लिए बस के बाहर का लक्ष्य न तय करें और न ही पाने की कोशिश करें वरना ऊर्जा ही बर्बाद करेंगे।

वृश्चिक राशि

बुध वृश्चिक राशि में ही अस्त हो रहे हैं, इससे सबसे अधिक असर वृश्चिक राशि के लोगों पर ही पड़ेगा। हालांकि यह घटना वृश्चिक राशि वालों के लिए मिलाजुला रहेगा। इस समय वृश्चिक राशि वाले किसी परेशानी और अनिश्चितता से घिरे थे तो अब समाप्त हो जाएगी।

लेकिन पेशेवर जीवन में जितनी मेहनत की है, उतना लाभ शायद ही मिले। इस समय किसी निवेश से बचने में ही भलाई है। साथ ही इस समय सेहत और फिटनेस पर ध्यान दें, ऊर्जा बढ़ाने और नर्व्स को आराम देने के विषय में सोचना चाहिए।

बुध अस्त होने के उपाय

बुध अस्त के दुष्प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं, आप भी इसे आजमाकर बुध अस्त के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं।

  • बुध अस्त की अवधि में बुध ग्रह को प्रसन्‍न करने के लिए बुधवार के दिन हरे रंगे के कपड़े पहनना चाहिए।
  • इसके अलावा बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप बुधवार के दिन व्रत भी रख सकते हैं।
  • कुंडली में बुध को मजबूत करने के लिए अपने दाएं हाथ की कनिष्ठिका अंगुली में पन्‍ना रत्‍न धारण करें, हालांकि ज्योतिषी को कुंडली दिखाने के बाद ही रत्न पहनने का निर्णय लें।
  • बुध के मंत्रों का जाप करें, भगवान विष्‍णु की पूजा करें।
  • जरूरतमंद और गरीब लोगों को दान करें।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।07:05 PM

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