धर्म/ज्योतिष

क्या राजा बलि के अंगों से उत्पन्न हुए हैं ये 21 रत्न, पढ़ें प्राचीन कहानी

Gemstone Origin Story: रत्न का सामान्य अर्थ विशेष प्रकार के ज्वलंत, आभापूर्ण पत्थरों से लिया जाता है। आमतौर पर यह समुद्र और खानों से मिलते हैं। ज्योतिषी पं. शत्रुघ्न लाल शुक्ल से आइये जानते हैं रत्नों की उत्पत्ति की कहानी (ratno ki utpatti kaise hui) ...
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Apr 24, 2025
gemstone origin story ratno ki utpatti kaise hui
gemstone origin story ratno ki utpatti kaise hui: रत्नों की उत्पत्ति कैसे हुई

Gemstone Origin Story King Bali Connection: ज्योतिषी पं. शत्रुघ्न लाल शुक्ल ने बताया कि आचार्य वाराहमिहिर ने करीब 1500 साल पहले वृहत्संहिता के रत्नाध्याय में बलि और दधीचि से रत्नों की उत्पत्ति का जिक्र किया है। आइये जानते हैं रत्नों की उत्पत्ति की कहानी


रत्नों की उत्पत्ति से जुड़ी प्राचीन कथा के अनुसार प्राचीन काल में दानव राजा बलि ने देवताओं से स्वर्ग छीन लिया। इस दौरान राजा बलि ने एक यज्ञ किया और देवराज इंद्र के आग्रह पर भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर तीन पग भूमि मांगी। दानवीर बलि ने जब दान का संकल्प ले लिया तो भगवान ने अपना आकार बढ़ाना शुरू किया और दो ही पग में धरती, आकाश और पाताल नाप लिया। जबकि तीसरे पग के लिए राजा बलि ने अपना शीश नवा दिया।


भगवान ने वो तीसरा पग बलि के माथे पर रख दिया और उन्हें पाताल में निवास का आदेश दिया। लेकिन भगवान के स्पर्श से राजा बलि का शरीर रत्नमय हो गया। बाद में फिर एक बार ऐसा घटनाक्रम घटा कि इंद्र ने वज्र से राजा बलि का शरीर छिन्न-भिन्न कर दिया। बलि के अंग पृथ्वी पर जहां-जहां गिरे, वहीं से रत्न की उत्पत्ति हुई। मान्यता है कि बलि के अंगों से 21 प्रमुख रत्न उत्पन्न हुए। आइये जानते हैं कौन-कौन रत्न बलि के अंगों से उत्पन्न हुए

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बलि से उत्पन्न रत्न की मान्यताएं (Gemstone Origin Story)

1.हीराः राजा बलि के मष्तिष्क खंडों से उत्पन्न

2. मोतीः बलि के मन से उत्पन्न

3. माणिकः राजा बलि के खून से

4.पन्नाः राजा बलि के पित्त तत्व से

5.प्रवालः बलि का वह रक्त बूंद जो समुद्र में गिरी

6.पुखराजः बलि के मांस के टुकड़ों से

7.नीलमः बलि के आंखों से उत्पन्न

8.चंद्रकांत मणिः पुतली की नेत्राभा से उत्पन्न

9.गोमेदः बलि के मेद से निर्माण

10.फिरोजाः राजा बलि की नसों के टुकड़ों से फिरोजा उत्पन्न हुआ

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11. भीष्मकः राजा बलि के शिरोभाग से

12. मासर मणिः राजा बलि के मलभेद से

13. लाजावर्त मणिः राजा बलि के बालों से

14. उलूक मणिः राजा बलि की जीभ ने उत्पन्न

15. लहसुनिया (वैदूर्य): राजा बली के यज्ञोपवीत से

16. पारस (पावस मणि): राजा बलि के हृदय से

17. स्फटिक मणिः राजा बलि के पसीने से

18.उपलक मणिः राजा बलि के कफ तत्व से

19. इशिवः वीर्यांश बिंदुओं से

20. तैल मणिः राजा बलि की त्वचा से

21. घृत मणिः कुक्षि खंड से


नोटः आज के युग में राजा बलि के शव खंडों से रत्नों की उत्पत्ति स्वीकार नहीं किया जा सकती है। माना जाता है कि इनकी उत्पत्ति भौतिक, रासायनिक परिवर्तन और भूगर्भीय संरचना के संयोग से होता है।

Published on:
24 Apr 2025 07:07 am