रत्न शास्त्र: रत्न शास्त्र के अंतर्गत कुछ खास रत्नों को बहुत ही ज्यादा पॉवरफुल मनाया है। यदि हम ज्योतिष सलाह लेने के बाद इन रत्नों को धारण करते हैं, तो हमें इसके अनेक फायदे देखने मिलते हैं। चलिए जानते हैं रत्न शास्त्र के अनुसार वो कौन से रत्न हैं जो किस्मत पलट सकते हैं।
Gemstone: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की शांति और जीवन में तरक्की के लिए रत्नों को पहनने की सलाह दी जाती है। रत्नों को हमेशा अपनी राशि के अनुसार और ज्योतिष सलाह के बाद ही धारण करना चाहिए। रत्न शास्त्र में हर रत्न का संबंध किसी ना किसी ग्रह से बताया गया है। यदि हम गलत रत्नों को पहनते हैं तो इसका हमें फायदे की जगह नुकसान झेलना पड़ सकता है। आज के दौर में हर कोई चाहता है कि हम बहुत कामयाब बनने, लेकिन आपने देखा होगी कि मेहनत के बाद भी सफलता हाथ नहीं आती है। ऐसे में व्यक्ति को ज्योतिष सलाह के बाद अपनी राशि के अनुसार रत्न शास्त्र में बताए गए कुछ खास रत्न को धारण करने की सलाह की जाती है। आइए जानते हैं बंद किस्मत का दरवाजा खोलने की लिए किन रत्नों को पहनना चाहिए।
माणिक्य रत्न
रत्न शास्त्र में माणिक्य रत्न को सूर्य ग्रह का रत्न माना गया है। इस चमत्कारी रत्न को पहनने से जातक को सूर्य दोष से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। सूर्य के मजबूत होने से नौकरी में तरक्की की संभावना अधिक हो जाती है। इसके साथ इसे पहनने से आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
माणिक्य धारण करने के नियम
इस रत्न को तांबे या सोने की अंगूठी में जड़वा कर ही धारण करना चाहिए। इस रत्न को पहनने के लिए रविवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है। इस रत्न को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके सूर्योदय के समय स्नान के बाद अनामिका उंगली में धारण करें।
नीलम रत्न
नीलम रत्न को शनि ग्रह का रत्न माना गया है। इस नीले रंग के रत्न को धारण करने से शनि ग्रह की कृपा जातक पर बनी रहती है। शनि की शुभ दृष्टि के कारण जातक के सारे काम बनने लगते हैं। इसके साथ ही व्यापार कर रहे लोगों को भी काम में तरक्की मिलती है। इसको पहनने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है और सेहत भी अच्छी बनी रहती है।
नीलम धारण करने के नियम
इस रत्न को पहनने के लिए शनिवार का दिन शुभ माना गया है। इस रत्न को पंचधातु या सोने में जड़वाकर पहनना चाहिए। शनिवार के दिन कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करके ही इसे पहनने। इसको धारण करने से शनिदेव के चरणों में अर्पित करना चाहिए, उसके बाद मध्यमा उंगली में धारण करें।
पुखराज रत्न
पुखराज का संबंध गुरु ग्रह से माना जाता है। ये रत्न बेहद ही कीमती माना जाता है। इस खास रत्न को पहनने से जातक की कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। इसके साथ ही इसको पहनने से शिक्षा, ज्ञान और नौकरी में तरक्की मिलती है। जो लोग प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता पाने चाहते हैं वो भी इस खास रत्न को धारण कर सकते हैं। धन में वृद्धि के लिए ये रत्न बहुत लकी माना गया है।
पुखराज रत्न धारण करने के नियम
इस रत्न को सोने या पीतल की अंगूठी में धारण करें। इसके साथ ही इसको पहनने के लिए गुरुवार का दिन बहुत ही शुभ होता है। इसको धारण करने से गंगाजल में तुलसी का पत्ता डालकर इसे शुद्ध करें। इसको दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में ही पहनना चाहिए।