Grah for money: नवग्रहों का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, इनकी हर गतिविधि का मनुष्य पर असर पड़ता है। इनकी प्रसन्नता व्यक्ति को सफलता और खुशियां देती है और नाराजगी कष्ट। यहां आपको बताते हैं कि लाइफ में खुशी, सुख और करियर में उन्नति के लिए किन ग्रहों को प्रसन्न रखना चाहिए ...
Grah for money: सुख की चाहत किसे नहीं होती, जीवन में सुख समृद्धि और खुशियां हों या करियर में सफलता, इसके लिए कड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ती है लेकिन कई बार मनमुताबिक फल नहीं मिलता। इसके पीछे आपकी कुंडली के ग्रह हो सकते हैं, जीवन में तरक्की और सफलता पाने के लिए कुंडली में ग्रहों का शुभ होना जरूरी होता है। इनकी कृपा ही मनुष्य को रंक से राजा बनाने का सामर्थ्य रखती है। आइये जानते हैं लाइफ में खुशियां और करियर में सफलता पाने के लिए किन ग्रहों को प्रसन्न रखना जरूरी होता है।
बृहस्पति महाराज को देवताओं का गुरु कहा जाता है। राशि चक्र में ये धनु और मीन राशि के स्वामी हैं तो वहीं गुरु ग्रह को पुनर्वसु, विशाखा, और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र पर स्वामित्व प्राप्त है। बृहस्पति देव को ज्ञान, संतान, शिक्षा, धार्मिक कार्य, धन, भाग्य और वृद्धि का कारक माना गया है।
ऐसे में जो लोग नौकरी में तरक्की चाहते हैं उन्हें अपनी कुंडली में बृहस्पति ग्रह को बलवान करना होगा। जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होते हैं उन्हें नौकरी और करियर में खूब तरक्की मिलती है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति दसवें भाव में मौजूद होते हैं, तो आपको बहुत अच्छी नौकरी मिलती है।
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हिंदू धर्म में सूर्य देव को देवता का दर्जा प्राप्त है क्योंकि यह पूरे संसार को जीवन प्रदान करते हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह नौकरी में उच्च पद, नेतृत्व क्षमता और समाज में मान-सम्मान का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य को राशि चक्र में सिंह राशि पर आधिपत्य है। यह मेष राशि में उच्च और तुला राशि में नीच के होते हैं।
इस तरह जो लोग नौकरी के क्षेत्र में तरक्की और सफलता पाना चाहते हैं, उनके लिए कुंडली में सूर्य देव को मजबूत करना बेहद जरूरी होता है। अगर आप नौकरी में सफलता पाना चाहते हैं तो आपके लिए सूर्य देव की उपासना करना शुभ फलदायक होगा। सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने से व्यक्ति पर सूर्य देव का आशीर्वाद बना रहता है। साथ ही प्रतिदिन सूर्य महाराज को जल अर्पित करते हुए 11 बार ॐ ह्रीं सूर्याय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
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सूर्य पुत्र शनि न्याय के देवता कहे गए हैं और इन्हें भी ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। शनि महाराज व्यक्ति के जीवन में बड़े उलटफेर लेकर आने की क्षमता रखते हैं। मान्यता है कि ये मनुष्य को राजा से रंक और रंक को राजा बनाने में सक्षम होते हैं। शनि देव को दुख, रोग, कष्ट, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, कर्मचारी, श्रमिक आदि के कारक माने जाते हैं। साथ ही शनि राशि चक्र में मकर और कुंभ राशि के स्वामी भी हैं। इसलिए इन्हें नाराज नहीं करना चाहिए।
किसी व्यक्ति के जीवन की खुशियों को प्रभावित करने में शनि देव के साथ दूसरे ग्रह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन ग्रहों में साहस और पराक्रम के ग्रह मंगल और छाया ग्रह राहु, केतु का नाम भी शामिल हैं। नवग्रहों में से शनि, मंगल, राहु और केतु जैसे चार ऐसे ग्रह हैं जो किसी रिश्ते को खराब कर सकते हैं। यदि ये ग्रह जातक की कुंडली में एक साथ एक भाव में मौजूद होते हैं तो रिश्ते में खटास और कड़वाहट बनाए रखने का काम करते हैं।
ये आपके जीवन का हर रिश्ता चाहे वह दोस्ती हो, प्रेम संबंध हो, भाई-बहन का रिश्ता हो या फिर पति-पत्नी का रिश्ता हो बिगाड़ सकते हैं। यदि आप जीवन में खुशियां बनाए रखना चाहते हैं तो कभी भी इन ग्रहों को नाराज न करें और इन्हें सदैव प्रसन्न रखें तभी आप एक सुख-शांति से पूर्ण जीवन जी सकेंगे।