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जीवन बदल सकती है सिंह संक्रांति, पद-प्रतिष्ठा दिला सकते हैं सूर्यदेव के असरकारक उपाय

effective remedies related to the sun : सूर्य के स्वराशि में गोचर के दौरान पुण्य फल की प्राप्ति के लिए कुछ बातों का रखें ध्यान, सूर्यदेव के असरकारक उपाय
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भारत

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deepak deewan

Aug 17, 2026

effective remedies related to the sun :

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Surya Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा गया है। इस नाते वे नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक कामकाज, राजनैतिक पद-प्रतिष्ठा आदि राजसिक विषयों के कारक माने जाते हैं। सूर्य प्राय: एक माह में अपनी राशि बदलकर दूसरी में प्रवेश में करते हैं। इस गोचर को सूर्य संक्रांति कहा जाता है। 17 अगस्त को सुबह 7:58 बजे सूर्य अपनी ही राशि सिंह में प्रवेश कर चुके हैं। वे यहां 17 सितंबर तक रहेंगे। स्वराशि सिंह में सूर्य का यह गोचर विशेष शुभकारक साबित होगा। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य शुभ है, कारक है, मजबूत है, स्वराशि सिंह का है या उच्च राशि मेष का है, उन्हें इस गोचर का खासा लाभ होगा। कुंडली में यदि सूर्य कमजोर है तो अच्छे फलों की प्राप्ति के लिए कुछ उपाय करने होंगे।

ज्योतिषाचार्य सोमेश परसाई के अनुसार सूर्य के शुभ फल से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और निर्णय लेने की शक्ति में भी इजाफा होता है। सूर्य की सिंह संक्रांति करियर के लिए अहम साबित होगी। स्वराशि में रहने के दौरान सूर्य की प्रसन्न्ता प्राप्त करने के लिए कुंडली की स्थिति के अनुसार गेहूं-गुड़ का दान करना, तांबे के बर्तन, लाल वस्त्र खरीदना या दान करने की परंपरा है।

गेहूं या गुड़ खरीदकर दान करना

सूर्य की प्रसन्नता का गेहूं और गुड़ से सीधा संबंध है। सिंह संक्रांति के दौरान इन दोनों खाद्य पदार्थों को खरीदकर जरूरतमंद लोगों को दान करना चाहिए। इससे सूर्य देव की कृपा से सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

तांबे के बर्तन खरीदना

सूर्य का तांबा (Copper) से भी संबंध माना गया है। ज्योतिष ग्रंथों में कहा गया है सूर्य के स्वराशि सिंह में गोचर के दौरान तांबे का बर्तन या कड़ा खरीदना शुभ होता है। इससे जातक का सूर्य तत्व को मजबूत होता है।

लाल वस्त्र

चूंकि सूर्य तेज, ऊर्जा और अग्नि तत्व का कारक है इसलिए लाल रंग उसका प्रिय है। आत्मबल मजबूत करने के लिए इस रंग के नए वस्त्र खरीदना और पहनना बेहद फलदायी हो सकता है।

ये सावधानियां जरूरी
सूर्य का बल प्राप्त करने के लिए शुभ वस्तुएं खरीदने के ​साथ सिंह संक्रांति के दौरान कुछ सावधानियां भी बरतना चाहिए। वैदिक ज्योतिष में कर्म को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। इसलिए सूर्य की प्रसन्न्ता प्राप्त करने के लिए पिता तथा पिता तुल्य लोगों का सम्मान करें, उनकी सहायता करें। हर हाल में अहंकार, क्रोध और कटु वाणी से बचने की कोशिश करें।