
Guru Vakri 2024: गुरु बृहस्पति वृषभ राशि में वक्री हो चुके हैं। यह स्थिति अगले साल 5 फरवरी 2025 तक जारी रहेगी। पंडित अंकित शर्मा के अनुसार वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को शुभ माना गया है और यह धनु और मीन राशि का स्वामी है। इस प्रकार, गुरु बृहस्पति का वृषभ राशि में वक्री होना विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा।
पं. शर्मा के अनुसार अपनी कुंडली में गुरु की स्थिति का ध्यान रखें और इस समय का लाभ उठाने की कोशिश करें। आइए जानते हैं कि गुरु का वक्री होना किन राशियों पर कैसा प्रभाव डालेगा।
गुरु मेष राशि से दूसरे भाव में वक्री हो रहे हैं। इस अवधि में मेष राशि वालों को नौकरी और कारोबार में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। आप प्रॉपर्टी की खरीदारी भी कर सकते हैं और विदेश यात्रा या विदेशी नागरिकता के प्रयास सफल होंगे।
गुरु आपकी राशि के पहले भाव में वक्री हैं। इस दौरान आपको कई अच्छे लाभ मिल सकते हैं, इसके अलावा आमदनी में वृद्धि होगी। व्यवसाय में अच्छा धन लाभ होने के आसार हैं, और नौकरी में कार्यशैली में सुधार आएगा। आपकी व्यक्तिगत और पेशेवर जरूरतें आसानी से पूरी होंगी।
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गुरु मिथुन राशि से 12वें भाव में वक्री हो रहे हैं। आपके जीवन में खुशियां आएंगी और शुभ आयोजनों में भाग लेने का मौका मिलेगा। नौकरी में बदलाव की संभावना है। प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क बढ़ेगा। इस समय पारिवारिक समस्याएं दूर होंगी और आमदनी में वृद्धि के योग हैं।
गुरु कर्क राशि से 11वें स्थान पर वक्री हैं। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं और कारोबार में निवेश से लाभ होगा। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और दूसरों की मदद के लिए भी तत्पर रहेंगे। इस अवधि में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपके कार्य आसानी से पूरे होंगे।