
Kharmas 2025 December Date: हिंदू धर्म में खरमास को एक ऐसा महीना माना जाता है जो भले ही पवित्र हो, लेकिन नए शुभ काम शुरू करने के लिए अच्छा नहीं माना जाता। यह साल में दो बार आता है जब सूर्य बृहस्पति की राशियों, धनु या मीन में प्रवेश करता है। हर खरमास लगभग 30 दिनों तक रहता है।
2025 में खरमास 16 दिसंबर से शुरू होकर 14 जनवरी 2026 को समाप्त होगा। यह वह समय है जब सूर्य धनु राशि में होता है और मकर में प्रवेश करने पर खरमास खत्म हो जाता है।
ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति को शुभता, ज्ञान और अच्छे कार्यों का कारक माना जाता है। लेकिन जब सूर्य बृहस्पति की राशि में आता है, तो सूर्य की तेज रोशनी बृहस्पति के अच्छी ऊर्जा वाले प्रभाव को कम कर देती है। इसी कारण इस दैरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश और नया बिजनेस, सोना-चांदी खरीदना जैसे काम करने से मना किया जाता है। यह विश्वास है कि इस समय किए गए शुभ कार्यों का सकारात्मक प्रभाव कमजोर हो जाता है।
हालाँकि इसे शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, लेकिन पश्चिम और पूर्व दोनों ज्योतिषों में यह समय आध्यात्मिक रूप से बहुत शक्तिशाली बताया गया है। इस दौरान लोग मंत्र जाप, ध्यान, उपवास, दान, धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं। यह समय मन को शांत करने, विचारों को साफ करने और खुद को आध्यात्मिक रूप से मजबूत करने का होता है।
ज्योतिषी मानते हैं कि महत्वपूर्ण कामों के लिए सूर्य और बृहस्पति दोनों का शुभ होना जरूरी है। लेकिन खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी होती है और बृहस्पति की ऊर्जा कम हो जाती है। इससे शुभ कार्यों का कॉस्मिक बैलेंस बिगड़ सकता है।