man sthir karne ke upay: आपका मन किसी काम में नहीं लगता है, आप कुछ योजना बनाते हैं, लेकिन जल्द ही दुविधा में पड़ जाते हैं तो इसके पीछे चंद्र दोष हो सकता है। पं. सतीश चंद्र शास्त्री से जानते हैं मन स्थिर करने का चंद्रमा उपाय ..
Chandrama mantra benifit : भारतीय ज्योतिष के अनुसार मन का संबंध चंद्रमा से होता है, यह ग्रह सबसे तेज चाल चलने वाला होता है। इसलिए किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र दोष होने या चंद्रमा कमजोर होने पर उसका मन अक्सर अस्थिर रहता है।
आपका मन किसी काम में नहीं लगता है तो चंद्र दोष दूर करने का उपाय करना चाहिए। चंद्र मंत्र का जाप, चंद्रमा का व्रत और उपाय व्यक्ति को भावनात्मक संतुलन, मानसिक शांति देता है। क्योंकि चंद्रमा के मंत्र के जाप और चंद्रमा के उपाय से व्यक्ति में शांति, स्थिरता और शीतलता के गुण समाहित हो जाते हैं।
इससे मन शांत और स्थिर हो जाता है, तनाव और अवसाद से परेशान हैं, भावनात्मक परेशानी से जूझ रहे हैं तो चंद्रमा के मंत्र और उपाय मददगार हो सकते हैं। जयपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषी सतीश चंद्र शास्त्री से आइये जानते हैं मन स्थिर करने का उपाय या चंद्रमा का उपाय
ज्योतिषाचार्य सतीश चंद्र शास्त्री के अनुसार नवग्रहों में शामिल सूर्य और चंद्रमा मारकेश नहीं होते हैं। हालांकि ये कष्ट जरूर देते हैं। उदाहरण के लिए सूर्य कमजोर होने कुंडली में सूर्य संबंधित दोष होने पर आत्मबल गिर जाएगा। इसी प्रकार से चंद्रमा मन को अस्थिर कर देता है किसी भी काम में मन नहीं लगता है। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए व्यक्ति को चंद्रमा की आराधना करनी चाहिए।
1.आपकी किसी काम में मन नहीं लग रहा है तो आपको चंद्रमा की आराधना करनी चाहिए। इससे चंद्र दोष में राहत मिलेगी, सोमवार को शिवजी की पूजा भी लाभदायक होगी।
2. चंद्रमा की शांति के लिए सोमवार को व्रत रखना चाहिए।
3. कोई व्रत में एक बेला अन्न ग्रहण करता है तो भी उसे लहसुन, प्याज से दूर रहना चाहिए और सात्विक भोजन ही करना चाहिए। शास्त्रों में जौ का भोजन करने की हिदायत दी गई है। चंद्रमा के व्रत के नियमों का पालन समस्या से राहत दिलाता है।
4. चंद्रमा के व्रत के दिन नवग्रह मंदिर या शिव मंदिर में जाकर ओम सों सोमाय नम: मंत्र का जप करें।
5. नवग्रह मंदिर या शिव मंदिर में चंद्रमा का दुग्धा अभिषेक करिये, रुद्राभिषेक से चंद्र शांत होते हैं।
6. सफेद पुष्प से चंद्र देव और भगवान शिव की पूजा अर्चना कीजिए।
7. चंद्रमा के 21 नाम हैं, उन सभी नामों को लेकर एक एक पुष्प भगवान शंकर को अर्पित करें, इससे लाभ मिलेगा।
8. पूर्णिमा पर और सोमवार को चंद्रमा को अर्घ्य दीजिए।
9. सोमवार को चंद्रमा से जुड़ी सफेद वस्तुएं दान करें, चंद्रमा से जुड़ी वस्तुओं के दान में धातु में चांदी, अन्न में चावल, मिष्ठान में मिश्री, सफेद कपड़ा, सफेद पुष्प और दक्षिणा का दान शामिल है।
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ॐ सों सोमाय नमः
अर्थः इस मंत्र का अर्थ है कि मैं शांति और पोषण के स्रोत चंद्रमा (सोम) की दिव्य ऊर्जा को नमन करता हूं। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को शांति, भावनात्मक संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य का लाभ मिलता है।
चंद्र मंत्र के जाप से चंद्रमा का आशीर्वाद मिलता है और व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है। साथ ही उसका मन शांत होता है। इससे साधक को भावनात्मक मजबूती मिलती है। इससे चंद्र दोष निवारण होता है और चंद्रमा के अशुभ प्रभाव से रक्षा होती है। त्वचा संबंधी रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
माना जाता है कि चंद्रमा के आशीर्वाद से पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य देने से सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके अलावा चंद्र मंत्र का नियमित जाप आध्यात्मिक विकास में सहायक होता है, ईश्वर के साथ गहरा संबंध विकसित करता है और आंतरिक सद्भाव को बढ़ावा देता है।