Rahu Ketu Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है। कुंडली में राहु और केतु की कैसी स्थिति इसका हमारे जीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है। Astrologer Prateek Bhatt ने @connectoriginal के इस Podcast के माध्यम से राहु और केतु के बारे में बहुत सारी जानकारी दी है और इसके लक्षण और उपायों के बारे में विस्तार से बताया है। आइए यहां देखते हैं राहु और केतु का क्या होता है हमारे जीवन पर असर।
Rahu Ketu Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को पापी ग्रह कहा जाता है। राहु और केतु को मोह और माया वाला ग्रह माना जाता है। राहु और केतु एक ही शरीर के दो हिस्से हैं। राहु धड़ और केतु सर है। ऐसी मान्यता है कि राहु के मजबूत होने से जातक को उच्चे पद की प्राप्ति होती हैं, वहीं जिनकी कुंडली में केतु मजबूत होता है वो लोग सन्यास की तरफ ज्यादा जाते हैं। राहु सर है उसके पास आंखे होती हैं, इसलिए वो मोह माया में फसा हुआ और केतु के पास आंखें नहीं , इसलिए वो मोक्ष की प्राप्ति की तरफ ले जाता है। आइए जानते हैं राहु और केतु के बारे में सारी जानकारी।
यदि आपकी कुंडली में राहु की स्थिति खराब होती है, तो आपके भीतर झूठ बोलने, चोरी करने और हेरा फेरी करके पैसा कमाने जैसी बुरी आदतें ज्यादा रहेंगी। नशे की लत या गलत संगत का आकर्षण भी आपके भीतर उत्पन्न होगा। धन हानि और करियर में भी राहु की खराब की स्थिति नुकसान पहुंचा सकती हैं।
यदि किसी जातक की कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत होती है तो वो बहुत ही बड़ा सलाहाकार और राजनीति में बहुत ऊंचे पद पर पहुंचाता है। जिन लोगों का राहु मजबूत होता है, ऐसे लोग दिमाग के बहुत तेज होते हैं। इन लोगों को बहुत जल्दी- जल्दी काम करना पसंद होता है। तेजी से चलते हैं। ऐसे लोग का दिमाग बहुत टैक्निकल होता है। अच्छा राहु व्यक्ति को सक्सेस दिलाता है। पढ़ाई में बहुत तेज होते हैं। कम उम्र में राहु आपको बड़ी पदवी पर ले जाता है।
जिन जातक की कुंडली में केतु की स्थिति खराब होती है, उन लोगों को नौकरी में ब्रेक का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही पैसे, विवाह में भी दिक्कते आती है। केतु हमेशा सबको अलग ही करता नजर आता है। इसके साथ रिश्ते में भी तनाव आता है।
केतु अच्छा होता है तो क्या होता है
केतु के कुंडली में अच्छा होने से व्यक्ति बहुत बड़ा संत बनता, योगाचार्य बनता है। केतु व्यक्ति को अध्यात्म की तरफ ले जाता है। इसके साथ बहुत बड़ा कथावाचक, ज्योतिषाचार्य ये सभी व्यक्ति अच्छा राहु होने के कारण ही बनता है। धर्म की तरफ आगे बढ़ाने का काम केतु करता है।
राहु और केतु का ज्योतिष शास्त्र में बहुत अधिक महत्व है। कलयुग में इन दोनों ग्रहों को खास माना जाता है। ये दोनों ही ग्रह तामसिक ग्रह माने जाते हैं और कलयुग का युग तमस का है। राहु के होने से जीवन में भौतिक सुख की प्राप्ति होती है और केतु से व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिकता गुण का विस्तार होता है। राहु और केतु सांसारिक और वैरागय तत्व के बीच संतुलन बनाता है।
राहु सिंह और केतु 2026 में कुंभ राशि में विराजमान हैं। इन दोनों की स्थिति इन राशियों में बहुत अच्छी है। साल के मध्य में ये दोनों ग्रह अपनी राशि बदलकर मकर और कर्क में जाएंगे। इन दोनों के इन राशियों में गोचर का भी अच्छा असर होगा। मेष राशि के जातक को राहु से बहुत ही लाभ मिलेगा और वृषभ राशि वालों को भी इससे बहुत फायदा मिलेगा। इस साल वृषभ राशि वाले कोई नया काम शुरू कर सकते हैं। मिथुन राशि के जातक को धन का लाभ होगा। कर्क वालों को राहु और केतु से परेशानी हो सकती है। वाद- विवाद में फस सकते हैं। सिंह राशि वालों को कारोबार में लाभ मिलेगा। कन्या राशि के जातक को शत्रुओं से छुटकारा मिलेगा। तुला राशि वालों को उच्च शिक्षा मिल सकती है। वृश्चिक राशि मां दुख दे सकता है, सुख शांति में कमी आएगी। धनु राशि के जातक को राहु और केतु से नुकसान फायदा दोनों होगा। मकर राशि वालों को ये ग्रह धन का लाभ मिल सकता है। कुंभ राशि के जातक इस साल जीवन में बहुत तरक्की कर सकते हैं। मीन राशि के जातक का कर्ज खत्म होगा और शत्रुओं का नाश होगा।