
rashi ratn : ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति के जन्म समय के आधार पर उसकी राशि तय होती है। हर राशि के अनुकूल कुछ रत्न होते हैं, सही रत्न पहनने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और उसे भाग्य का साथ मिलने लगता है। ज्योतिष शास्त्र में जिस तरह से नव ग्रह बताए गए हैं, उसी तरह इन नवग्रहों के प्रतिनिधि नवरत्न भी हैं। ये रत्न हीरा, मोती, पन्ना, माणिक्य, नीलम, गोमेद, पुखराज, मूंगा और लहसुनियां हैं, इसके अलावा इनके उपरत्न भी हैं, जिनकी क्षमता थोड़ी कम होती है।
रत्न ज्योतिष के अनुसार इन रत्नों को पहनने से आपके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। यदि ग्रहों की चाल और दिशा के कारण आपका जीवन अस्त-व्यस्त है तो ये रत्न ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर कर देते हैं। आइये जानते हैं कौन सा रत्न किस राशि का है और इसे पहनने का क्या फायदा है …
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है। यह रत्न मेष और वृश्चिक राशि वालों के लिए आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने में योगदान देता है।
हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ और तुला राशि के लोगों के लिए यह शुभ फल देने वाला है। यह इन राशियों के लोगों के लिए सुख, समृद्धि और सम्मान दिलाने में सहायक होता है।
पन्ना बुध का रत्न है। मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए यह बहुत खास है। यह नौकरी, व्यापार और स्मरण शक्ति बढ़ाने में मददगार होता है।
मोती चंद्रमा का रत्न है। कर्क और मीन राशि वाले इसे धारण कर सकते हैं। यह रत्न सकारात्मकता और मानसिक शांति के लिए जाना जाता है।
माणिक्य सूर्य का रत्न है। यह सिंह राशि वालों के लिए विशेष होता है। यह व्यक्तित्व निखारने और राजयोग लाने में मददगार होता है।
पुखराज बृहस्पति का रत्न है। यह धनु और मीन राशि वालों के लिए अच्छा होता है। यह आपको शिक्षा और करियर में सफलता दिला सकता है।
नीलम शनि का रत्न है। मकर और कुंभ राशि वाले नीलम रत्न को धारण कर भाग्य वृद्धि और प्रसिद्धि पा सकते हैं।
राहु का रत्न गोमेद है। इसमें नेतृत्व क्षमता और काले जादू से बचाव के लिए अद्धभुत शक्तियां होती हैं।
लहसुनिया केतु का रत्न है। यह व्यापार में लाभ और नजर दोष से बचाव में कारगर होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये रत्न जितने शक्तिशाली होते हैं और आपकी जिंदगी बदलाव ला सकते हैं, छोटी सी गलती पर उतना ही नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इसे एक्सपर्ट की सलाह पर ही पहनना चाहिए। वर्ना हानि भी हो सकती है।