
Ganesh Puja Vidhi : (इमेज सोर्स- Chatgpt)
Ganesh Puja Vidhi : देश-दुनिया में गणेशोत्सव की धूम शुरु हो चुकी है। घर घर में बप्पा विराज चुके हैं। अधिकांश सार्वजनिक प्रतिमाओं की स्थापना शाम या रात में होगी जिसकी तैयारी चल रही है। सनातन धर्म में गणेशजी को न केवल प्रथम पूज्य कहा गया है बल्कि उन्हें कष्टहर्ता, विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि गणेश पूजन से सभी कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं। गणेशजी की उपासना मेें गणेश अथर्वशीर्ष पाठ का सबसे ज्यादा महत्व है। जीवन में कोई बड़ी परेशानी हो, व्यापार में बाधा आ रही हो, अर्थ संबंधी समस्या हो तो चतुर्थी से चौदस तक के 10 दिनों में पूरे मनोयोग से इसका पाठ करें। गणेशजी के आशीर्वाद से आपकी दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
गणेशोत्सव की आज 14 सितंबर से शुरुआत हो चुकी है। चतुर्थी तिथि पर भगवान विनायक घरों में विराजमान हो गए हैं। इसी के साथ अनंत चौदस तक चलनेवाला 10 दिवसीय उत्सव भी प्रारंभ हो गया है। समय के साथ अब कुछ लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन और सात दिनों तक ही गणेशजी स्थापित कर रहे हैं लेकिन अधिकांश घरों में 10 दिनी उत्सव ही मनाया जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करने के बाद रोज विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। उन्हें दूर्वा जरूर अर्पित करें। भगवान गणेश की देशी घी के दीपक से आरती करें। मान्यता है कि गणपति को मोदक बहुत प्रिय हैं इसलिए भोग के रूप में यही रखें। लड्डू का भोग लगाने से भी वे जल्द प्रसन्न हो जाते हैं।
वैदिक ज्योतिष में गणेशजी की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व बताया गया है। मान्यता है कि गणपति की स्थापना करने से घर में दुख और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है, सुख-समृद्धि का आती है।
शास्त्रों में यूं तो गणेशजी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अनेक ज्योतिषिय उपायों का जिक्र किया गया है पर गणेश अथर्वशीर्ष पाठ इसमें सर्वप्रमुख है। विशेषकर व्यापारियों के लिए यह सर्वाधिक लाभकारी साबित होता है। नियमित रूप से गणेश अथर्व शीर्ष पाठ करनेवाले भक्त को जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके बताते हैं कि कोई खास परेशानी हो तो गणेशोत्सव के इन 10 दिनों में बप्पा की पूरे मनोयोग से पूजा करें। उन्हें दूर्वा अर्पित कर गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ करें। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चौदस तक इस स्त्रोत का पाठ करने से भगवान विनायक प्रसन्न होते हैं। उनके आशीर्वाद से हर दुख-कष्ट- समस्या से मुक्ति मिलती।
Updated on:
14 Sept 2026 05:46 pm
Published on:
14 Sept 2026 05:15 pm
