धर्म/ज्योतिष

Sawan Putrada Ekadashi 2025 : सावन पुत्रदा एकादशी पर खास योग, संतान सुख के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

Sawan Putrada Ekadashi 2025 : सावन पुत्रदा एकादशी के दिन बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग, जो संतान सुख की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस खास मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी हो सकती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
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Aug 03, 2025
Sawan Putrada Ekadashi 2025
Sawan Putrada Ekadashi 2025 (photo- meta ai)

Sawan Putrada Ekadashi 2025 : सावन का पावन महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन यह भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास माना जाता है। और इस महीने आने वाली पुत्रदा एकादशी पर भी काफी अच्छा संयोग बन रहा है। इस साल सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 5 अगस्त, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन खास बात यह है कि सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जो इसे और भी फलदायक बना देते हैं।

शुभ मुहूर्त और योग

इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:50 बजे से 7:36 बजे तक रहेगा। इसी समय रवि योग भी बन रहा है, जो पूजा-पाठ और व्रत के लिए उत्तम समय माना जाता है। इस शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा करने से संतान सुख मिलने की संभावना बढ़ जाती है। जिन दंपत्तियों को लंबे समय से संतान नहीं हो रही है, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायक होता है।

व्रत और पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीप जलाएं।
  • तुलसी के पत्ते, पीले फूल, फल और पंचामृत अर्पित करें।
  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
  • दिनभर व्रत रखें और भगवान विष्णु की कथा सुनें।
  • रात को जागरण करें और अगले दिन व्रत का पारण करें।

क्यों खास है यह व्रत?

पौराणिक मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत करता है, भगवान विष्णु उसकी संतान से जुड़ी परेशानियों को दूर कर देते हैं। इस दिन की पूजा से न सिर्फ संतान सुख मिलता है, बल्कि जीवन के पाप भी मिट जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Updated on:
03 Aug 2025 01:08 pm
Published on:
03 Aug 2025 01:08 pm