धर्म/ज्योतिष

छोटी-छोटी बात पर भी भड़क जाते हैं ये 6 राशि वाले, यहां जानें कारण और उपाय

क्रोध जीवन की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। ज्योतिषीय कारणों को समझकर और सही उपाय अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में शांति, संतुलन और सफलता पा सकता है।
2 min read
Jan 09, 2026
anger (pc: gemini generated)
anger (pc: gemini generated)

मानव जीवन में क्रोध एक ऐसी कमजोरी है, जो धीरे-धीरे स्वभाव बन जाती है। जरूरत से ज्यादा गुस्सा न केवल रिश्तों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि व्यक्ति के करियर, स्वास्थ्य और सम्मान को भी प्रभावित करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, क्रोध केवल मानसिक आदत नहीं है, बल्कि ग्रहों की असंतुलित स्थिति का परिणाम भी होता है। आइए जानते हैं कि कुंडली में क्रोध क्यों आता है और इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।

ज्योतिष में क्रोध का मुख्य कारण

चंद्रमा का कमजोर होना

ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना गया है।

  • यदि चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति अपने विचारों और वाणी पर नियंत्रण खो देता है
  • कमजोर चंद्रमा वाले लोग छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा कर बैठते हैं

यदि ऐसे चंद्रमा पर मंगल या सूर्य का प्रभाव हो जाए, तो क्रोध और अधिक बढ़ जाता है।

मंगल ग्रह और अत्यधिक गुस्सा

मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है और यह साहस के साथ-साथ आक्रामकता भी देता है।

  • मंगल यदि कर्क (नीच राशि) में हो
  • या मेष, सिंह, धनु जैसी अग्नि राशियों में स्थित हो

तो व्यक्ति सामान्य से अधिक क्रोधी हो जाता है।
यदि मंगल के साथ शनि या सूर्य जुड़ जाएं, तो व्यक्ति झगड़ा, मारपीट और हिंसा की ओर बढ़ सकता है।

राहु और साढ़ेसाती का प्रभाव

  • राहु का अधिक प्रभाव व्यक्ति को क्रोध में अपराध तक करा सकता है
  • साढ़ेसाती के उतरते समय व्यक्ति अत्यधिक चिड़चिड़ा और हिंसक हो सकता हैऐसे समय में संयम और उपाय बहुत जरूरी हो जाते हैं।

हथेली से कैसे पहचानें क्रोध की प्रवृत्ति

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार भी क्रोध की पहचान की जा सकती है—

  • हथेलियों का रंग काला या मटमैला होना
  • अंगूठे के पास मंगल पर्वत पर क्रॉस या जाल
  • हथेली के बीच या नीचे तिल
  • छोटा या मोटा अंगूठा

ऐसे लोग गुस्से में खुद को और दूसरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्रोध शांत करने के ज्योतिषीय उपाय

यदि आपको अत्यधिक गुस्सा आता है, तो इन उपायों को अपनाएं—

  • भोजन में प्याज और लहसुन कम करें, कच्चा बिल्कुल न खाएं
  • दोपहर के भोजन में दही का सेवन जरूर करें
  • हर महीने आने वाली दोनों एकादशी का व्रत रखें
  • सूर्योदय से पहले उठें और सूर्य को जल अर्पित करें
  • स्नान के जल में गुलाब जल मिलाकर स्नान करें
  • चांदी की चेन को गंगाजल से शुद्ध कर पूर्णिमा के दिन धारण करें

इन उपायों से चंद्रमा मजबूत होता है और मंगल की उग्रता कम होती है।

Published on:
09 Jan 2026 03:23 pm