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Unnao Gangrape आरोपी सेंगर के लिए आदरणीय, शुभकामनाएं शब्दों का इस्तेमाल कर विधायक ने बढ़ाई भाजपा की मुसीबत

भारतीय जनता पार्टी उन्नाव गैंगरेप मामले से पल्ला झाड़ने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हीं के विधायक ऐसे होने नहीं दे रहे।

3 min read
Aug 03, 2019
Yogi Kuldeep

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) उन्नाव गैंगरेप (Unnao gangrape) मामले से पल्ला झाड़ने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन उन्हीं के विधायक ऐसे होने नहीं दे रहे। लोकसभा चुनाव (Loksabha election) के बाद उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से सीतापुर जेल में मिलने गए थे। खुद उनका बयान था कि सेंगर ने जिले के लिए बहुत काम किया है, मैं उनका हाल चाल जानने के लिए जेल गया। मामले ने उस वक्त इतना तूल नहीं पकड़ा था, लेकिन जब से सड़क हादसा हुआ है, और पीड़िता के परिवार के दो और लोगों की मृत्यु हुई है तब है साक्षी महाराज के उस जेल के दौरे को कई दफा विपक्ष इस्तेमाल कर रेप आरोपी को संरक्षण देने के आरोप लगा रहा है। लेकिन इस माहौल में हरदोई के विधायक ने जो बयान दिया उसने विपक्ष को बड़ा मौका दे दिया है भाजपा को घेरने का। बात हो रही है हरदोई के मल्लावा के विधायक आशीष सिंह आशु के जिन्होंने सेंगर के समर्थन में ऐसे बयान दे दिए हैं, जिससे भाजपा दोबारा डिफेंसिव मोड में आ गई है। क्या कहा विधायक ने? पहले ये जान लीजिए-

मंच से कह दिया ऐसा-

हरदोई में मल्लावा से विधायक आशीष सिंह आशु ने रेप के आरोप में सीतापुर जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लिए आदरणीय, शुभकामनाएं जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए उनके जेल से जल्द बाहर निकलने की कामना की। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि हमारे भाई 'आदरणीय' कुलदीप सिंह सेंगर मुश्किल वक़्त से गुज़र रहे हैं। यह समय का कालचक्र ही है जो आज कुलदीप सिंह सेंगर हमारे बीच नहीं है, लेकन वह जल्द ही हम सबके बीच होंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे। शर्मनाक बात तो यह भी दिखी मंच पर आसील लोगों ने उनकी इस बात का ताली बजाकर स्वागत किया। सिर्फ यह नहीं बल्कि उसकी मंच पर कुलदीप सिंह की फोटो भी पोस्टरों में देखी गई। लेकिन इस पर किसी ने कोई टिप्पड़ी नहीं की। यहां तक नव निर्वाचित अध्यक्ष को शपथ दिलाने वाले और मंच पर मौजूद रहे एसडीएम अनिल सिंह ने भी इसे अनदेखा किया।

लोग हैरत में-

आशीष सिंह के इस बयान के बाद भाजपा में जहां हड़कंप मच गया है, वहीं विपक्ष उन्हें घेरने में लग गया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायलर हो रहा है। लोग हैरत में हैं कि एक गैगरेप पीड़िता जिसके एक-एक परिवार के सारे सदस्य खत्म हो रहे है, जो खुद अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है, उसके आरोपी के समर्थन में एक अन्य विधायक आदरणीय शब्दों का इस्तेमाल कैसे कर सकता है। वह भी उस पार्टी का विधायक, जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं, नारी सशक्तिकरण की बात करती है, जो महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और अभी तक मामले पर फैसला नहीं आया है, लेकिन भाजपा के कुछ सदस्य इसकी गंभीरता से बेफिक्र हैं और ऐसे बयान देने से वे पीछे नहीं हट रहे। अब देखना यह है कि पार्टी क्या इस विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है।

Published on:
03 Aug 2019 06:14 pm
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