हनुमानजी को जातियों में बांटने का चलन सा इन दिनों देखने को मिल रही है।
लखनऊ. हनुमानजी को जातियों में बांटने का चलन सा इन दिनों देखने को मिल रही है। सीएम योगी द्वारा शुरू की गई यह प्रथा कई लोगों ने अपनाई और गुरुवार को यूपी सरकार के मंत्री ने भी इस बार हनुमान जी को एक और जाति में बांट दिया। उनके बारे में बताने से पहले बताते हैं कि किन और लोगों ने हनुमान जी को जातियों में बांटा। राजस्थान चुनाव से पहले भाजपा के लिए प्रचार करने पहुंचे सीएम योगी ने उन्हें दलित करार दिया जिसका कई धर्मगुरुओं व साधु-संतों ने विरोध भी किया। इसके बाद केंद्रीय केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने हनुमान जी को आर्य बताया था। वहीं आज भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने हनुमानजी को मुसलमान करार दिया।
चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया हनुमानजी को जाट-
गुरुवार को यूपी सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि हनुमान जी जाट थे। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में लक्ष्मी नारायण ने ऐसा कहा। वह यहीं नहीं रुके और कहा कि बजरंगबली तो जाट हैं, क्योंकि जाट ही दूसरों के मामले में अपनी टांग फंसाता है। हनुमान जी मेरी जाति के थे। गौरतलब है कि लक्ष्मी नारायण जाट हैं।
बुक्कल नवाब ने भी दिया तर्क-
वहीं भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने तो गुरुवार को कहा कि हनुमान जी मुस्लिम थे। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि इसलिए मुसलमानों के नाम हनुमान की तरह रखे जाते हैं। रहमान, रमजान, फरहान, सुलेमान, सलमान, जिशान, कुर्बान ये जितने भी नाम रखे जाते हैं, वो करीब-करीब उन्हीं पर रखे जाते हैं।