
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात और औरैया की सीमा से सटे बेला थाना क्षेत्र में एक पिता ने अपनी 14 वर्षीय बेटी को पहले बेरहमी से पीटा और फिर उसे पटना नहर में फेंक दिया। किशोरी की जान सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि नहर में उस समय पानी कम था। घायल हालत में वह किसी तरह बाहर निकली, जिसके बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता कानपुर देहात के शिवली क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि उसके पिता उसे बिधूना स्थित बुआ के घर छोड़ने की बात कहकर स्कूटी से लेकर निकले थे। रास्ते में बेला थाना क्षेत्र के बडेराहार और बूंचपुर गांव के बीच सुनसान स्थान पर उन्होंने स्कूटी रोक दी।
किशोरी का आरोप है कि पिता ने अचानक लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद मरणासन्न हालत में पटना नहर में फेंककर मौके से फरार हो गया।
नहर में पानी कम होने के कारण वह डूबने से बच गई। वह किसी तरह रेंगते हुए सड़क किनारे पहुंची। वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे घायल हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही बेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार में भर्ती कराया। प्राथमिक जांच में उसके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान मिले। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश देकर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बेटी पर 'किन्नर' होने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि वह उसकी छोटी बहन को गलत रास्ते पर ले जा रही थी। इसी बात से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
हालांकि पुलिस आरोपी के दावों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
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