जनपद के थानों में करीब दसियों वर्ष से लाइसेंसी असलहा कूड़े के माफिक कबाड़ होते जा रहे हैं।
औरैया. जनपद के थानों में करीब दसियों वर्ष से लाइसेंसी असलहा कूड़े के माफिक कबाड़ होते जा रहे हैं। जिनका कोई पुरुषाहल नहीं है। हालात ये है कि थाने में कूड़ा करकट के रूप में जमा कीमती व टिकाऊ लाइसेंसी असलहों को कोई लेने वाला नहीं है। जिससे वे बर्बाद हो रहे हैं। जिनकी संख्या सैकड़ों में है। पुलिस का मानना है कि इनमें काफी लोग मर चुके है तो कुछ लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं जिससे वे इन्हें लेना नहीं चाहते हैं।
भारी मात्रा में असलहे बेकार हो रहे
इस संबंध में दिबियापुर थाने के मालखाना इंचार्ज सुवेन्द्र कुमार ने बताया कि थाने के मालखाने में मौजूदा समय मे करीब 250 से अधिक लाइसेंसी हथियार जमा है। जिनमें एक दर्जन से अधिक रायफल, दो दर्जन से अधिक एक नाल बंदूक , सहित डबल बैरल है। इनकी समय समय पर साफ सफाई की जाती है लेकिन फिर भी भारी मात्रा में असलहे बेकार हो रहे हैं।
बतौर उनके इन असलहों की नीलामी नहीं की जा सकती है। ये शासन के आदेश पर ही नष्ट किए जा सकते हैं। इनकी हर साल सफाई की जाती है। इन असलहों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जिससे इनके रख रखाव की समस्या बढ़ती जा रही है।