150 मरीजों को किया गया है चिन्हित
औरैया. टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार लगातार पीड़ित रोगियों का बेहतर और निशुल्क इलाज करा रही है। सरकार ने इनकी मदद के लिए आर्थिक मदद दिए जाने को भी हरी झंडी दे दी है। उनको सेहत की देख रेख के लिए प्रति माह पांच सौ रुपये मिलेंगे जो सीधे खाते में आएंगे। जनपद में लगभग 150 मरीजों की सूची बन गई है। उसके जरूरी कागजात और विभाग में दर्ज मरीजों को दिया जाएगा। जो उनकी दवाई के साथ सेहत के लिए भी जरूरी है। क्योंकि टीबी रोगी को दवाई के साथ खाने का भी विशेष ध्यान रखना है। इलाज करा रहे टीबी रोगियों को आर्थिक मदद के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है। फिलहाल करीब डेढ़ सौ टीबी रोगियों की सूची के आधार पर उनके खातों में पैसा पहुंचेगा। इसके लिए प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। बाद में अन्य पंजीकृत होने वाले मरीजों को भी यह लाभ मिलेगा। योजना के तहत इलाज चलने तक मरीजों को हर महीने पांच सौ रुपये दिए जाएंगे।
टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए इलाज के अलावा केंद्र सरकार ने निक्षय पोषण योजना भी लागू की है। इसके तहत टीबी के मरीजों को पौष्टिक भोजन के लिए इलाज की अवधि तक हर महीने पांच सौ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
यह धनराशि उनके खातों में भेजी जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए टीबी रोगी की जांच केंद्र से निक्षय पहचान संख्या मरीज का नाम, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता विवरण व मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। योजना का उद्देश्य यह है कि मरीज आर्थिक तंगी के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं। जो बीमारी ठीक नहीं होने की एक वजह है। फिलहाल शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से पंजीकृत हुए रोगियों को लाभ दिए जाने की तैयारी की जा रही है। जिला क्षय रोग केंद्र सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर लगभग ऐसे डेढ़ सौ रोगी पंजीकृत है। जबकि निजी चिकित्सकों के पास से अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है। इनमें से कुछ लोगों का पूरा विवरण मिल चुका है और उनके खातों में रुपये ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला क्षय रोग अधिकारी नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ दिया जाएगा।