
नई दिल्ली: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ( आरटीओ ) RTO ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण 2015 के आदेश के अनुसार गाजियाबाद में लगभग 82,000 वाहनों के पंजीकरण को निलंबित कर दिया है। दरअसल इस आदेश के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
आरटीओ ने वाहन मालिकों को उन जिलों में स्थानांतरण के लिए आवेदन करने के लिए छह महीने का समय दिया है, जो एनसीआर में नहीं हैं, जहां ऐसे वाहनों पर रोक नहीं है। आरटीओ के मुताबिक, गाजियाबाद में 6,480 चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं जो 10 साल से अधिक पुराने हैं और डीजल पर चलते हैं। 15 साल से अधिक पुराने कुल 75,293 वाहन हैं जो पेट्रोल पर चलते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा दोपहिया वाहनों का है।
एआरटीओ विश्वजीत सिंह कहा कि, “ अप्रैल 2015 के आदेश में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और एनसीआर में 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, वहीं जुलाई 2017 में एक अन्य आदेश ने हमें ऐसे वाहनों को डी-रजिस्टर करने का निर्देश दिया।
सिंह ने कहा “जुलाई 2018 में, हमने नागरिकों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया था कि वे अपने वाहनों को एनसीआर से दूर जिलों में स्थानांतरित करने या 60 दिनों के भीतर डी-पंजीकरण प्राप्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। लेकिन केवल कुछ ने इसके लिए आवेदन किया, ”। नतीजतन, आरटीओ ने ऐसे सभी वाहनों के पंजीकरण को निलंबित करने का फैसला किया।
सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि मालिकों ने NoC के लिए आवेदन नहीं किया तो छह महीने के बाद स्थाई रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। इसका मतलब होगा कि वाहनों को निकालना होगा।