सरकार ने FASTag को हर किसी तक पहुंचाने के लिए अब ऐलान किया है कि 15 फरवरी से 29 फरवरी तक FASTag फ्री बांटे जाएंगे।
नई दिल्ली: टोल प्लाज़ा ( Toll Plaza ) पर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए सरकार FASTag लेकर आई है जिसका मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन करना है। आपको बता दें कि सरकार ने FASTag को हर किसी तक पहुंचाने के लिए अब ऐलान किया है कि 15 फरवरी से 29 फरवरी तक FASTag फ्री बांटे जाएंगे। सरकार की इस पहल से 15 दिनों तक लोगों को FASTag के लिए 100 रुपये की रकम नहीं चुकानी पड़ेगी और वो फ्री में इसे अपने वाहनों में लगवा पाएंगे।
नया नियम 15 फरवरी से 29 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। सरकार ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) में FASTag के माध्यम से उपयोगकर्ता शुल्क के डिजिटल संग्रह को और अधिक बढ़ाने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI ) ने 15 और 29 फरवरी, 2020 के बीच NHAI FASTag के लिए 100 रुपये की FASTag लागत को माफ करने का निर्णय लिया है"
सरकार ने आगे कहा है कि वाहन मालिक FASTag को निःशुल्क खरीदने के लिए वाहन के वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) के साथ किसी भी अधिकृत पॉइंट-ऑफ-सेल लोकेशन पर जा सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा जमा और न्यूनतम शेष FASTag वॉलेट के लिए लागू नहीं रहेगा।
क्या है FASTag
FASTag एक स्टिकर होता है जिसे आसानी से स्कैन किया जा सकता है। इस टैग को विंडस्क्रीन पर चिपकाया जा सकता है। जैसे ही आपकी कार एक टोल गेट के पास जाती है, एक टैग रीडर आपके RFID - आधारित FASTag को स्कैन करता है और आपके रजिस्टर्ड अकाउंट से टोल टैक्स डिडक्ट हो जाता है। यह प्रक्रिया कुछ सेकेंड्स में ही पूरी हो जाती है और इसमें समय बर्बाद नहीं होता है।
सरकार ने देश में 527 से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग आधारित टोल संग्रह प्रणाली शुरू की है। बता दें, दिसंबर 2019 तक 1 करोड़ से अधिक FASTags जारी किए गए हैं। अगर आप भी NHAI FASTags खरीदना चाहते हैं तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों, सामान्य सेवा केंद्रों, परिवहन केंद्रों और पेट्रोल पंपों से इन्हें आसानी से प्राप्त कर सकते है।