
आज का दौर टेक्नोलॉजी का है। समय के साथ टेक्नोलॉजी तेज़ी से बदल रही है और पहले से ज़्यादा एडवांस भी हो रही है। एडवांस हो रही इस टेक्नोलॉजी का असर हर फील्ड में देखने को मिलता है। ऑटोमोबाइल फील्ड भी टेक्नोलॉजी से अछूती नहीं रही है। आजकल गाड़ियों में कई तरह के लेटेस्ट और एडवांस फीचर्स मिलते हैं जो बहुत ही काम के होते हैं। ये फीचर्स अलग-अलग कामों को पूरा करते हैं। इनमें सेफ्टी फीचर्स भी शामिल हैं। आजकल कार निर्माता कंपनियाँ सेफ्टी पर भी बड़ा ध्यान देती हैं। रोड एक्सीडेंट्स के खतरे को कम करने के लिए ये कंपनियाँ कार में कई तरह के लेटेस्ट फीचर्स देती हैं। इन्हीं में EBD फीचर भी एक है जो काफी काम का होता है।
क्या है EBD?
EBD यानि की इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (Electronic Brake Force Distribution)। कार में मिलने वाला यह फीचर सेफ्टी के लिहाज से काफी काम का होता है। यह फीचर नॉर्मल ब्रेक्स से बिलकुल अलग और काफी एडवांस होता है।
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काफी फायदेमंद होता है EBD
EBD फीचर काफी फायदेमंद होता है। इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन फीचर के इस्तेमाल से EBD सिस्टम कार की स्पीड और रोड सिचुएशन के हिसाब से कार के सभी टायर्स में अलग-अलग ब्रेकिंग फोर्स को डिस्ट्रीब्यूट (वितरित) करता है। अगर कभी अचानक से ब्रेक लगाने पड़े तो कार के इंजन के साथ ही उसके टायर्स पर भी काफी प्रेशर पड़ता है। पर EBD के इस्तेमाल से ब्रेकिंग फोर्स के इलेक्ट्रॉनिक डिस्ट्रीब्यूशन से कार के इंजन और टायर्स पर एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं पड़ता।
इतना ही नहीं, EBD में एडवांस बब्रेकिंग का इस्तेमाल होता है। इसके इस्तेमाल से कार की ब्रेकिंग पर ज़्यादा कंट्रोल रहता है और रोड एक्सीडेंट्स की रिस्क भी काफी कम होती है।
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