पहली इलेक्ट्रिक एयरटैक्सी 2025 तक शुरू होगी सर्विस 5 लोगों के बैठने की है व्यवस्था
नई दिल्ली: आने वाले वक्त में इलेक्ट्रिक कारों ( electric cars ) का बोलबाला होगा ये तो सभी जानते हैं लेकिन ट्रैफिक की वजह से लोग सड़क पर नहीं बल्कि हवाई यात्रा करना ज्यादा पसंद करेंगे वो भी रोजमर्रा की जिंदगी में । जी हां, फिलहाल जिस तरह कंपनियां फ्लाइंग टैक्सी के कांसेप्ट पर काम कर रही है उससे तो यही लगता है। आपको बता दें कि उबर (uber flying taxi ) , एयरबस, लीलियम, एरोमोबिल, किटी हॉक, वोलोकॉप्टर जैसी कई बड़ी कंपनियां फ्लाइंग कार बाजार में लाने वाली है लेकिन इन सबके बीच लीलियम नाम की कंपनी ने दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी न सिर्फ बनाई बल्कि सफलता पूर्वक उड़ान भी भरी है। इस इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी ने बकायदा वर्टिकल टेकऑफ किया और पैसेंजर जेट की तरह लैंडिंग की।
2025 तक शुरू हो सकती है सेवा-
जर्मन स्टार्टअप लीलियम के दावे को माने तो कंपनी 2025 तक दुनिया के कई शहरों में इसका संचालन शुरू कर देगी। लीलियम पायलेट और ड्रोन मोड पर चलने वाली 5 सीटर एयरक्राफ्ट बनाना चाहती है। आपको बता दें कि ये एयर टैक्सी ( Air taxi ) कार से पांच गुना तेज चलेगी और एक बाइक से कम आवाज करेगी। यानि ये सर्विस पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। कंपनी की मानें तो यह फ्लाइंग कार 300 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चल सकती है । पॉवर की बात करें तो इस क्रॉफ्ट में 36 इलेक्ट्रिक जेट इंजन लगे हैं, जो टेक-ऑफ करने के बाद स्टैंडर्ड प्लेन की तरह घूमना शुरू कर देते हैं। बिजली से चलने वाली यह कार किसी तरह का एयर पॉल्यूशन और शोर नहीं करती है।
बेहद कम होती है ऊर्जा की खपत- हेलीकॉप्टर टेक्नोलॉजी पर बेस्ड यह 2000 हॉर्स पावर का मल्टी रोटर ड्रोन 10 प्रतिशत ही ऊर्जा खपत करके नार्मल हेलीकॉप्टर की तुलना में 10 गुना दूरी तय कर लेता है। 2017 में कंपनी ने इस एयरटैक्सी को पहली बार टेस्ट किया था। लेकिन उस वक्त ये टैक्सी महज टू सीटर थी लेकिन अब इसमें पायलेट के साथ 5 लोग बैठ सकते हैं और यही वजह है कि इसको चलाने का खर्च भी कम हो गया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एयरटैक्सी का किराया सामान्य हवाई यात्रा से कम होगा। महज 70 डॉलर यानी 4909 रुपये खर्च कर कोई भी व्यक्ति इस सर्विस को ले सकता है। इस टैक्सी को मोबाइल एप के जरिए भी बुक किया जा सकेगा।