अयोध्या

जानिये 5 जुलाई की सुबह कैसे बम धमाकों से दहल उठी थी अयोध्या

रामलला के गर्भगृह को उड़ाना चाहते थे आतंकी लेकिन हुए थे नाकाम,मंगलवार को ही हुआ था हमला मंगलवार को ही मिली सज़ा

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Jun 18, 2019
5 july Ram Janm Bhoomi Atanki Hamla Detail And Update
जानिये 5 जुलाई की सुबह कैसे बम धमाकों से दहल उठी थी अयोध्या

अनूप कुमार
अयोध्या : 5 जुलाई साल 2005 दिन मंगलवार सुबह के करीब 9:00 बजे धार्मिक नगरी अयोध्या अपनी रौ में थी ,मंगलवार का दिन होने के कारण राम जन्मभूमि विवादित परिसर के करीब स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे | वही रामलला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भी अच्छी खासी तादात थी | रोजाना की तरह कतार बद्ध होकर श्रद्धालु रामलला का दर्शन करने के लिए रंग महल बैरियर के पास मौजूद थे ,कि अचानक एक ज़ोरदार धमाके और धुएं के गुबार से हड़कंप मच गया | किसी ने कहा टायर फटा तो किसी ने कहा कहीं सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ | रंग महल बैरियर के पास मौजूद सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालु इसी बात की चर्चा कर रहे थे कि अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा | शहर के आम लोग और श्रद्धालु अभी भी कुछ समझ नहीं पाए थे लेकिन सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी और अधिकारी यह समझ चुके थे कि 6 दिसंबर सन 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद आतंकियों की हिट लिस्ट में रही अयोध्या और विवादित परिसर पर एक बड़ा आतंकवादी हमला हो चुका है |

रामलला के गर्भगृह को उड़ाना चाहते थे आतंकी लेकिन हुए थे नाकाम

विवादित परिसर में मेकशिफ्ट स्ट्रक्चर में विराजमान रामलला के गर्भ गृह से पिछले हिस्से में स्थित उनवल मंदिर बैरियर के पास एक मार्शल जीप धू-धू कर जल रही थी | सुरक्षा के लिए लगाया गया बैरिकेड एक धमाके में उड़ चुका था और गर्भ ग्रह से नीचे खुले मैदान में 5 लंबे चौड़े नौजवान अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे और हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर चला रहे थे | इस आतंकी हमले की खबर कुछ ही मिनट में प्रदेश और केंद्र सरकार को मिल चुकी थी और इस हमले को नाकाम करने के लिए ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ के जवान मोर्चा संभाले हुए थे | उनकी मदद करने के लिए गाड़ियों में भर-भर कर पुलिसकर्मी सुरक्षा बल के जवान अलग-अलग रास्तों से घटनास्थल की तरफ बढ़ रहे थे | आतंकियों ने जिस जीप से सुरक्षा बैरिकेड को बम से उड़ाया था उस समय मार्शल जीप के पास स्थानीय गाइड रमेश पांडे भी यह सोचकर पहुंच गया था कि शायद उस मार्शल में कोई श्रद्धालु हो और उन्हें घुमाने के बहाने वह दो पैसे कमा ले , लेकिन जैसे ही वह मार्शल जीप के पास पहुंचा एक जोरदार धमाके के साथ वह भी टुकड़े-टुकड़े हो गया | हैंड ग्रेनेड एके-47 और मिनी रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों से लैस लश्कर-ए-तैयबा के पांच फिदायीन आतंकी सब कुछ तबाह करने की सोच लेकर लगातार आगे बढ़ रहे थे ,लेकिन अपने फर्ज की राह में अपने को कुर्बान करने की सोच लिए सीआरपीएफ के जवान भी किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं थे और आखिर हुआ भी वही |

मंगलवार को ही हुआ था हमला मंगलवार को ही मिली सज़ा

खुले मैदान में झाड़ियों का सहारा लेकर गोलीबारी कर रहे आतंकियों के ऊपर तीन तरफ से हमला हुआ और एक के बाद एक पांचो आतंकी इस जवाबी कार्रवाई में मारे गए | करीब 1 घंटे चले इस ऑपरेशन में करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को भी गोलियां लगी और जिस रास्ते से आतंकी प्रवेश कर रहे थे वहां पर उन आतंकियों के सामने पड़ी एक महिला शान्ति देवी को भी इन आतंकियों ने गोली मारी थी उसकी मौत हो चुकी थी | कुल मिलाकर पांच आतंकी और दो नागरिकों मारे गए और 7 पुलिसकर्मी घायल हुए | 1 घंटे के ऑपरेशन के बाद पुलिस ने इस हमले को नाकाम कर दिया | इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इन आतंकियों की मदद करने वाले 5 लोगों की शिनाख्त हुई ,जिनमें से 4 को आज इलाहाबाद की सेशन कोर्ट से सजा दी गई है | खास बात की है कि जिस दिन यह भीषण आतंकी हमला हुआ उस दिन भी मंगलवार था और आज जब इस हमले की साजिश रचने वाले आतंकियों के खिलाफ सजा सुनाई गई तो आज ही मंगलवार का ही दिन है |

Published on:
18 Jun 2019 05:53 pm