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संसद परिसर में राम मंदिर का अपमान बर्दाश्त नहीं! संतों का फूटा गुस्सा, महंत राजू दास की कड़ी चेतावनी

Ayodhya Hanumangarhi Mahant Raju Das: राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनने पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि आज संसद में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना देखने को मिली।
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Mahant Raju Das

हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास - फोटो एएनआई

Mahant Raju Das: संसद में राम मंदिर के दान की चोरी के मामले को लेकर प्रदर्शन करते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहन लिया। इस घटना से देशभर के संत-महंत नाराज हो गए हैं। अयोध्या, मथुरा और दूसरे जगहों से कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

'आस्था पर प्रहार बर्दाश्त नहीं!'

अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि संसद में जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में चुने हुए सांसद इस तरह व्यवहार करें, क्या यह सही है? सनातन का अपमान इस तरह किया जाए क्या यह बर्दाश्त किया जा सकता है? उन्होंने बताया कि उस वक्त राहुल गांधी हंस रहे थे। समाजवादी पार्टी के नेता, तथाकथित अयोध्या सांसद और कुछ अन्य लोग भगवा वस्त्र पहने संतों के गले पकड़कर खींच रहे थे। महंत राजू दास ने सवाल किया कि क्या किसी ने मौलाना या मौलवी का वेश धारण करके इस्लाम के साथ ऐसा व्यवहार किया है?

स्वामी दीपांकर बोले, देश इसे माफ नहीं करेगा

गाजियाबाद से आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर ने भी पप्पू यादव के इस कदम की निंदा की। उन्होंने कहा कि लाखों साधु-संन्यासियों का भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करना पूरी तरह गलत है। क्या इनमें इतनी हिम्मत है कि हरा कपड़ा पहनकर ऐसा कुछ करें? भगवान राम माफ करें या न करें, लेकिन देश इसे माफ नहीं करेगा।

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ने भगवा का अपमान किया है। इसी वजह से सदन में उन्हें कलनेमि कहा जा रहा था।

मथुरा सहित कई जिलों में संतों जताया विरोध

मथुरा में भी संतों ने विरोध जताया। गोवर्धन के जुल्हेदी आश्रम पर साधु-संतों ने पप्पू यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कंस के रूप में उनके पोस्टर लगाए और पुतला फूंका। चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने भी सख्त कार्रवाई की मांग रखी।
साधु-संतों का कहना है कि भगवा वस्त्र सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का प्रतीक है। संसद जैसे पवित्र स्थान पर इसे इस तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है।

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