अयोध्या

84 कोसी परिक्रमा विहिप ने बनाई रणनीति

84 कोसी परिक्रमा पर स्थित धार्मिक स्थलों के स्थान प्रमुखों व विश्राम पड़ावों के प्रमुखों की बैठक हुई।

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Jun 12, 2018
84 कोसी परिक्रमा विहिप ने बनाई रणनीति

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या के कारसेवक पुरम अयोध्या के सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा पर स्थित धार्मिक स्थलों के स्थान प्रमुखों व विश्राम पड़ावों के प्रमुखों की बैठक हुई। इस बैठक में धार्मिक स्थलों के महत्व व समस्या को लेकर चर्चा हुई तथा इन सभी स्थलों पर वर्ष भर विभिन्न प्रकार के आयोजन उत्सव हो तथा 84 कोसी परिक्रमा वर्ष भर का उत्सव हो सके इसकी रूप रेखा तैयार किया जा सके।


अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा है 84 कोसी परिक्रमा
विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय प्रबंध समिति सदस्य दिनेशचन्द्र ने कहा कि आज यहां कहा पंच कोसी, चौदह कोसी या फिर चौरासी कोसी परिक्रमा यह सभी भक्तो के उद्धार तथा भगवद् प्राप्ति का माध्यम है, वही सामाजिक समन्वय भी स्थापित करती है।इस परम्परागत सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखना जन-जन का कर्तव्य है।अयोध्या के चौरासी कोस मे स्थापित है अनेको धार्मिक एंव पौराणिक तीर्थ यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुये है।इनके दर्शन पूजन से भक्तो को अवलौकिक शक्ति प्राप्त होती है। इस परम्परागत परिक्रमा और तीर्थ का संरक्षण संवर्धन आवश्यक है।

वर्ष भर का उत्सव बने 84 कोसी परिक्रमा

कारसेवक पुरम् मे अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा के अन्तर्गत पड़ने वाले विश्राम पड़ावों के प्रमुखो को संबोधित करते हुए बताया कि भारत आस्था श्रद्धा और भक्ति का देश है हमे अपनी परम्पराओ का रक्षण संवर्धन करना होगा। जिस प्रकार महाराष्ट्र मे कामदगिरी, वृंदावन मे गोवर्धन तथा नैमिषारण्य और चित्रकूट की चौरासी कोस की परिक्रमा राष्ट्रीय फलक पर चर्चित है,ठीक उसी प्रकार इस अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा राष्ट्रव्यापी बनाने का लक्ष्य "हनुमान मंडल "के बैनर तले पूज्य संतो ने ले रखा है। यह कोई बीस दिन का आयोजन ही नही बनना चाहिए बल्कि वर्ष भर का उत्सव बने इस प्रकार की तैयारी करना होगा।


84 कोसी परिक्रमा में पड़ने वाले स्थलों का होगा ऐतिहासिक विकास

फैजाबाद सासंद लल्लू सिंह ने कहा भगवान श्रीराम अयोध्या के कंण-कंण मे विराजमान है। यह संतो ऋषियों की नगरी है।जहा से धार्मिक जीवन मूल्यो के संरक्षण संवर्धन का विगुल सदैव बजता रहा। कहा की चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग मे पड़ने वाले महत्वपूर्ण एतिहासिक पौराणिक तीर्थो का विकास प्रथम प्राथमिकता है। केन्द्र और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।चौरासी कोसी का विकास होगा तो अयोध्या ही नही इसके अंतर्गत आने वाले फैजाबाद,बाराबंकी,गोंडा,बस्ती तथा अम्बेडकर नगर जनपद मे तीर्थयात्रियो की संख्या बढेगी जिससे स्थानीय व्यापार को बल मिलेगा।इस लिए देश को जोड़ने के लिए इस धार्मिक सांस्कृतिक और सामाजिक समन्वय रूपी परिक्रमा को व्यापक रूप बिना जनसहयोग के संभव नही है।इसलिये हमे पड़ने वाली परिक्रमा तिथि से पूर्व ही लोगो को निमंत्रित करने का दायित्व संभालना होगा।


बैठक में परिक्रमा क्षेत्र प्रभारी सुरेन्द्र सिंह, विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अम्बरीष सिंह, शिवदास, महंत चिन्मय दास, पुजारी रमेश दास, पिंटू मांझी, रामलाल जायसवाल, रामशंकर शर्मा, नलिनेश सिंह, गयाशरण आदि लोग मौजूद रहे।

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Published on:
12 Jun 2018 10:25 am
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